मरवाही के जंगलों में तीन हाथियों की अचानक दस्तक से मचा हड़कंप, कई मकानों और फसलों को किया तबाह
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के मरवाही वन मंडल क्षेत्र में एक बार फिर जंगली हाथियों के दल ने आम आमद दर्ज कराते हुए जमकर उत्पात मचाया है। मरवाही के ग्रामीण इलाकों में तीन हाथियों के अचानक आ जाने से स्थानीय रहवासियों और किसानों के बीच भारी दहशत का माहौल बन गया है। इन हाथियों ने बीती रात कई रिहायशी इलाकों का रुख करते हुए गरीब ग्रामीणों के कच्चे मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया और खेतों में लहलहाती धान व अन्य फसलों को बुरी तरह रौंदकर बर्बाद कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और वन विभाग (Forest Department) की टीम हरकत में आ गई है, और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
रिहायशी इलाकों में हाथियों का तांडव, ग्रामीणों ने रात जागकर बचाई जान
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह दल भोजन और पानी की तलाश में जंगलों से भटकते हुए बस्तियों के करीब आ पहुंचा था। हाथियों की चिंघाड़ और उनके आने की आहट सुनते ही ग्रामीणों में भगदड़ मच गई और लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। हाथियों ने घरों की दीवारों को ढहा दिया और घर में रखा राशन व खाने-पीने का सामान भी चट कर गए। पिछले कुछ समय से इस इलाके में हाथियों की आवाजाही लगातार बनी हुई है, जिसके कारण किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। फसल नुकसान से परेशान किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग के साथ-साथ इस समस्या के स्थायी समाधान की गुहार लगाई है।
वन विभाग की टीम लगातार रख रही नजर, ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह
घटना के बाद वन विभाग के अधिकारी और मैदानी अमला तुरंत मौके पर पहुंच गया है और नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। वन विभाग ने मरवाही क्षेत्र के आसपास के सभी गांवों में मुनादी करवा दी है और लोगों को हिदायत दी है कि वे अकेले जंगल की तरफ या खेतों में न जाएं। हाथियों की हर गतिविधि पर ड्रोन और ट्रेकिंग टीमों के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके। विभाग की ओर से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है ताकि इस संकट की घड़ी में ग्रामीणों को मदद मिल सके।