रात के अंधेरे में गरीबों का घर उजाड़ना पाप', बृजमोहन अग्रवाल का बड़ा हमला; दोषियों पर कार्रवाई की मांग
छत्तीसगढ़ की राजनीति में गरीबों के आशियाने पर चली बुलडोजर कार्रवाई ने एक नया मोड़ ले लिया है। वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रात के अंधेरे में गरीबों का आशियाना उजाड़ने वाले लोग माफी के लायक नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन की इस कार्रवाई को क्रूरता की पराकाष्ठा बताते हुए कहा कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के किसी का घर तोड़ना कानून और मानवीय मूल्यों के विरुद्ध है।
प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकास के नाम पर गरीबों को बेघर करना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी कार्रवाई में न तो मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रखा गया और न ही कानूनी प्रक्रियाओं का सही पालन हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भीषण गर्मी और बारिश का मौसम हो, तब प्रशासन ने किस आधार पर लोगों को सड़क पर ला दिया? अग्रवाल ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण में जो भी अधिकारी या दोषी शामिल हैं, उनके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी कर्मचारी इस तरह की मनमानी न कर सके।
पीड़ितों को न्याय और मुआवजे की मांग
अग्रवाल ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवारों को तुरंत न्याय नहीं मिला और उन्हें बसाने की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। उन्होंने मांग की है कि आशियाना खोने वाले प्रत्येक परिवार को न केवल रहने के लिए सुरक्षित जगह मुहैया कराई जाए, बल्कि उनके नुकसान का उचित मुआवजा भी दिया जाए। इस बयान के बाद इलाके के प्रभावित परिवारों को एक बड़ा संबल मिला है और प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। लोग अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि सरकार क्या बृजमोहन अग्रवाल की मांगों पर अमल करती है या फिर यह मामला और अधिक तूल पकड़ेगा।