CG News: खेलते-खेलते खुले कुएं में गिरा 3 साल का मासूम, डूबने से दर्दनाक मौत; परिवार में मचा कोहराम

CG News: खेलते-खेलते खुले कुएं में गिरा 3 साल का मासूम, डूबने से दर्दनाक मौत; परिवार में मचा कोहराम

छत्तीसगढ़ से एक बेहद दुखद और कलेजे को कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ महज तीन साल का एक मासूम बच्चा घर के पास खेलते-खेलते अचानक खुले कुएं में जा गिरा। पानी में डूबने की वजह से मासूम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद से पूरे इलाके में मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में कुछ देर पहले तक बच्चे की हंसी और किलकारियाँ गूँज रही थीं, वहाँ अब सिर्फ चीख-पुकार और सिसकियों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। यह घटना केवल एक परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे गांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लिए एक गहरा सदमा बनकर आई है। इस हादसे ने एक बार फिर से ग्रामीण इलाकों में मौजूद खुले कुओं, बिना ढकी बावडियों और हादसों को न्योता देते गड्ढों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो आए दिन मासूम जिंदगियों के लिए काल साबित हो रहे हैं।

कैसे घटा हादसा: खेलते-खेलते परिजनों की आंखों से ओझल हुआ मासूम

स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, तीन वर्षीय मासूम रोज की तरह अपने घर के आंगन और आसपास के खुले परिसर में खेल रहा था। परिवार के अन्य सदस्य अपने दैनिक घरेलू कामों में व्यस्त थे और बच्चा घर की चौखट के पास ही चहलकदमी कर रहा था। इसी दौरान खेलते-खेलते अचानक बच्चे का ध्यान घर से कुछ ही दूरी पर मौजूद एक बिना ढके खुले कुएं की तरफ चला गया। कुएं के आसपास किसी भी प्रकार की पक्की मुंडेर, सुरक्षा जाली या ढक्कन की व्यवस्था नहीं की गई थी, जिसके कारण मासूम बिना किसी रुकावट के सीधे कुएं के मुहाने तक पहुँच गया। वहां खेलते समय अचानक पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने की वजह से मासूम सीधे गहरे कुएं के पानी में जा गिरा। जब काफी देर तक बच्चे की आवाज आना बंद हो गई और वह परिजनों को दिखाई नहीं दिया, तब परिजनों को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ और उन्होंने उसकी तलाश शुरू की।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल और ग्रामीणों की रेस्क्यू कोशिश

बच्चे को आसपास न पाकर परिजनों के हाथ-पांव फूल गए और वे घबराकर पूरे मोहल्ले में उसे ढूंढने लगे। जब गांव की गलियों में भी मासूम का कोई सुराग नहीं मिला, तब किसी अनहोनी की आशंका के तहत परिजनों का ध्यान घर के पास स्थित खुले कुएं की ओर गया। कुएं के पास जाकर जब लोगों ने टॉर्च और मोबाइल की रोशनी से अंदर झांका, तो उनके होश उड़ गए। मासूम कुएं के पानी में अचेत अवस्था में पड़ा हुआ दिखाई दे रहा था। यह दृश्य देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। चीखने-चिलाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी भारी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए रस्सी और बाल्टी के सहारे कुएं में उतरकर बच्चे को बाहर निकालने के लिए तुरंत एक त्वरित रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद मासूम को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।

अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, पुलिस जांच में जुटी

अचेत मासूम को तत्काल स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने उसकी प्राथमिक जांच की। हालांकि, फेफड़ों में अत्यधिक पानी भर जाने और दम घुटने के कारण डॉक्टरों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस की टीम भी मौके पर पहुँची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में मर्ग कायम कर सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि हादसे की पूरी जानकारी जुटाई जा सके।

खुले कुएं और बोरवेल बने जानलेवा: प्रशासन और समाज के लिए बड़ा सवाल

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में यह कोई पहली घटना नहीं है जहाँ खुले कुएं या बिना ढके हुए बोरवेल किसी मासूम की जान के दुश्मन बने हैं। शासन-प्रशासन द्वारा समय-समय पर सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए जाने के बावजूद जमीन मालिकों और स्थानीय प्रशासन द्वारा खुले पड़े जल स्रोतों को ढकने या सुरक्षा जाली लगाने की तरफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। सुप्रीम कोर्ट और राज्य सरकारों के कड़े नियमों के अनुसार, किसी भी खुले कुएं या बोरवेल को बिना सुरक्षा इंतजामों के खुला रखना गैर-कानूनी है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर इन नियमों की अनदेखी के कारण आए दिन मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। इस घटना ने एक बार फिर से अभिभावकों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सख्त चेतावनी दी है ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके।

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