मॉर्फ्ड CD केस में भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, जानिए क्या है साल 2017 के उस बहुचर्चित अश्लील CD कांड का पूरा सच

मॉर्फ्ड CD केस में भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, जानिए क्या है साल 2017 के उस बहुचर्चित अश्लील CD कांड का पूरा सच

छत्तीसगढ़ की राजनीति को हिला देने वाले बहुचर्चित मॉर्फ्ड सीडी (Morphed CD Case) मामले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से एक बहुत बड़ी कानूनी राहत हासिल हुई है। अदालत ने इस बहुचर्चित मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही और सुनवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस मामले के सुर्खियों में आने के बाद से ही एक बार फिर साल 2017 की वो राजनीतिक घटनाएं ताजा हो गई हैं, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की सियासत में भूचाल ला दिया था। आइए जानते हैं कि आखिर क्या है इस अश्लील सीडी कांड का पूरा इतिहास और क्यों इसे लेकर लंबे समय तक घमासान मचा रहा।

साल 2017 में कैसे शुरू हुआ था यह बहुचर्चित सीडी विवाद

यह पूरा मामला नवंबर 2017 का है, जब तत्कालीन रमन सिंह सरकार के कार्यकाल के दौरान एक कथित अश्लील सीडी सार्वजनिक होने का दावा किया गया था। इस घटना के सामने आते ही छत्तीसगढ़ की राजनीति में मानो भूचाल आ गया था। उस दौर में भूपेश बघेल कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे और आक्रामक तेवर के साथ सरकार के खिलाफ मुखर थे। इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कई गिरफ्तारियां भी की थीं और तत्कालीन राजनीतिक समीकरणों के बीच यह मामला तेजी से तूल पकड़ गया था, जिसके बाद इसकी जांच अलग-अलग एजेंसियों तक जा पहुंची थी।

क्यों और कैसे भूपेश बघेल का नाम इस कानूनी शिकंजे में आया था

इस बहुचर्चित प्रकरण के दौरान पुलिस ने राजनीतिक साजिश और आईटी एक्ट के तहत कई मामले दर्ज किए थे। जांच के दायरे में आने के बाद कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और खुद भूपेश बघेल पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाने लगा था। जांच एजेंसियों का आरोप था कि इस मॉर्फ्ड सीडी को तैयार करने और प्रसारित करने में राजनीतिक षड्यंत्र शामिल था। इसके खिलाफ भूपेश बघेल और अन्य नेताओं ने हमेशा से इसे राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया और इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी, जो आज तक विभिन्न अदालतों में चल रही है।

हाईकोर्ट के इस नए आदेश से क्या बदला है राजनीतिक और कानूनी समीकरण

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा इस मामले की सुनवाई और आगे की कार्यवाही पर रोक लगाए जाने के बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल को बड़ी राहत मिली है। कानूनी जानकारों का मानना है कि इस अंतरिम आदेश से फिलहाल उनके ऊपर चल रहे कानूनी दबाव में कमी आएगी। कांग्रेस पार्टी के भीतर भी इस फैसले को लेकर संतोष का माहौल है, क्योंकि छत्तीसगढ़ की सियासत में भूपेश बघेल एक प्रमुख चेहरा हैं और उनके खिलाफ चल रहे इस पुराने मामले पर सबकी नजरें हमेशा टिकी रहती हैं। आने वाले दिनों में इस कानूनी मोर्चे पर दोनों पक्षों की तरफ से क्या दलीलें पेश की जाती हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

 

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