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रायपुर में स्कूल बसों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन! नियमों में लापरवाही पर 45 संचालकों को मिला नोटिस

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन और परिवहन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। मासूम बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त न करने की नीति के तहत शहर में संचालित स्कूल बसों का एक व्यापक और विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई से स्कूल प्रबंधन और बस संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में बड़ी कमियां पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल कड़ा एक्शन लेते हुए 45 स्कूल बस संचालकों को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है।

नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर सड़कों पर उतरा परिवहन अमला यह विशेष चेकिंग अभियान रायपुर के विभिन्न प्रमुख चौराहों और स्कूलों के केंपस के बाहर चलाया गया। परिवहन विभाग के आला अधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीमों ने अचानक चलती हुई और खड़ी स्कूल बसों को रोककर उनकी बारीकी से जांच की। इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूल बसों के लिए तय की गई गाइडलाइंस और सुरक्षा मानकों का जमीनी स्तर पर पालन हो रहा है या नहीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।

फिटनेस से लेकर सीसीटीवी तक, जांच में खुली कमियों की पोल प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई इस सघन जांच के दौरान कई हैरान करने वाली कमियां सामने आईं। कई बसों में आपातकालीन खिड़कियां (इमरजेंसी एग्जिट) जाम पाई गईं, तो कुछ में फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशामक यंत्र (फायर एक्स्टिंग्विशर) गायब थे या उनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनिवार्य हिस्से जैसे कि बसों में कार्यरत सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और स्पीड गवर्नर भी कई वाहनों में काम नहीं कर रहे थे। इसी गंभीर लापरवाही को देखते हुए परिवहन विभाग ने 45 संचालकों को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है, संतोषजनक जवाब न मिलने पर परमिट रद्द करने की चेतावनी दी गई है।

अभिभावकों ने किया फैसले का स्वागत, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई प्रशासन की इस मुस्तैदी और सख्त तेवर का रायपुर के पालक संघ और आम नागरिकों ने पुरजोर स्वागत किया है। अभिभावकों का कहना है कि मोटी फीस वसूलने के बाद भी स्कूल प्रबंधन बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाह बने रहते हैं, ऐसे में यह कार्रवाई बेहद जरूरी थी। परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह कोई एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में भी यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों को सीधे क्रेन से उठाकर जब्त किया जाएगा ताकि बच्चों का सफर पूरी तरह सुरक्षित और भयमुक्त हो सके।

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