पिकनिक के दौरान जरा सी लापरवाही पड़ सकती है जानलेवा, प्रशासन ने जारी की चेतावनी
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित बांध और जलाशय न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए सैलानियों को आकर्षित करते हैं, बल्कि ये कई बार अनजाने खतरों का गढ़ भी बन जाते हैं। मानसून के मौसम में जब इन डैमों का जलस्तर बढ़ता है, तो यहाँ का नजारा और भी आकर्षक हो जाता है, लेकिन यही आकर्षण हादसों को भी न्योता देता है। यदि आप भी बिलासपुर या इसके आसपास के डैमों में पिकनिक मनाने का प्लान बना रहे हैं, तो इन 5 खतरनाक जलाशयों के बारे में जानना आपके और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
बिलासपुर के इन 5 डैमों में रहें सावधान
बिलासपुर क्षेत्र में स्थित खूंटाघाट डैम, भैंसाझार, मनियारी जलाशय, अर्पा-भैंसाझार और लखराम डैम को स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा संवेदनशील माना गया है। खूंटाघाट डैम में गहरे पानी और अनियंत्रित बहाव के कारण हर साल हादसों की खबरें सामने आती हैं। वहीं, भैंसाझार और मनियारी जलाशय के पास की चट्टानी सतह फिसलन भरी है, जहाँ संतुलन बिगड़ना मौत को बुलावा देने जैसा हो सकता है। पिकनिक के दौरान अक्सर पर्यटक जोश में आकर प्रतिबंधित क्षेत्रों में उतर जाते हैं, जो खतरनाक साबित होता है।
क्यों जानलेवा बन जाते हैं ये जलाशय?
इन डैमों के खतरनाक होने के पीछे सबसे बड़ा कारण है 'अंडरकरंट' यानी पानी के भीतर का तेज बहाव, जो ऊपर से शांत दिखता है। अक्सर बारिश के बाद डैम का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है, और किनारों पर जमी काई के कारण पैर फिसलने के मामले सबसे ज्यादा होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन डैमों में कई जगहों पर जलकुंभी और छिपे हुए गड्ढे हैं, जो तैराकी जानने वालों के लिए भी काल बन जाते हैं। प्रशासन द्वारा जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाए जाने के बावजूद, पर्यटकों की लापरवाही इन स्थानों को हादसों का केंद्र बना देती है।
सुरक्षा के नियमों का करें पालन
पिकनिक मनाना बुरा नहीं है, लेकिन अपनी जान जोखिम में डालकर नहीं। किसी भी डैम या जलाशय के पास जाने पर प्रशासन के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। हमेशा उन क्षेत्रों में ही जाएं जो पर्यटकों के लिए सुरक्षित घोषित किए गए हैं। शराब का सेवन कर जलाशय के पास जाने या गहरे पानी में उतरने से बचें। परिवार के साथ होने पर बच्चों पर कड़ी नजर रखें और किसी भी ऐसी जगह न जाएं जहां पानी का बहाव अनिश्चित हो। बिलासपुर के इन प्राकृतिक नजारों का आनंद सुरक्षित रहकर लेना ही समझदारी है।