Q1 Results Preview: बैंकिंग शेयरों में आने वाला है बंपर उछाल या लगेगा झटका? नतीजों से पहले जानें हर बैंक की पूरी कुंडली

Q1 Results Preview: बैंकिंग शेयरों में आने वाला है बंपर उछाल या लगेगा झटका? नतीजों से पहले जानें हर बैंक की पूरी कुंडली

भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वालों और बैंकिंग सेक्टर्स के निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय शुरू होने वाला है। जून तिमाही (Q1 FY27) के कॉरपोरेट नतीजों का सीजन दस्तक दे चुका है। इस बार बैंकों के तिमाही प्रदर्शन की तस्वीर पिछले कुछ क्वार्टर्स से काफी अलग और दिलचस्प नजर आ रही है। एक तरफ जहां देश में लोन (उधार) की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ बैंकों के पास जमा (Deposit) उस रफ्तार से नहीं बढ़ा है। क्रेडिट और डिपॉजिट के इसी अंतर के कारण कई दिग्गज बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव देखने को मिल सकता है, हालांकि खराब लोन के लिए पहले से किए गए मजबूत प्रावधानों (Provisions) के चलते ओवरऑल मुनाफा दमदार रहने की उम्मीद है।

15 जुलाई से शुरू होगा नतीजों का महाकुंभ, ये हैं मुख्य तारीखें

बैंकिंग सेक्टर में पहली तिमाही के नतीजों की शुरुआत 15 जुलाई को जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank) के साथ होगी। इसके बाद 18 जुलाई को बाजार के चार सबसे बड़े दिग्गज— एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), एक्सिस बैंक (Axis Bank) और कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) एक साथ अपने वित्तीय नतीजे घोषित करेंगे। इसके बाद 20 जुलाई को करूर वैश्य बैंक, 22 जुलाई को सीएसबी बैंक, 23 जुलाई को उज्जिवन स्मॉल फाइनेंस बैंक और 25 जुलाई को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) के परिणाम सामने आएंगे। दिग्गज ब्रोकरेज हाउस सिस्टमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के अनुसार, इस तिमाही में पूरे बैंकिंग सेक्टर का शुद्ध मुनाफा 13.7 फीसदी की दर से बढ़ सकता है।

ये बड़े बैंक मचाएंगे धमाल, इस सरकारी बैंक से मिल सकता है बड़ा सरप्राइज

ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस तिमाही में कुछ चुनिंदा बैंक निवेशकों की चांदी करा सकते हैं। आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) मजबूत एसेट क्वालिटी और लोन ग्रोथ के दम पर सबसे टॉप पर बना हुआ है। वहीं, देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक एसबीआई (SBI) कॉपोरेट लोन और सरकारी योजनाओं के दम पर शानदार मुनाफा कमा सकता है। एचडीएफसी बैंक से 15.5% की लोन ग्रोथ और स्थिर मार्जिन के साथ मजबूत नतीजों की उम्मीद है। एक्सिस बैंक का मुनाफा कम प्रोविजनिंग के चलते 28 फीसदी तक उछल सकता है। सबसे बड़ा सरप्राइज इंडियन बैंक (Indian Bank) और बैंक ऑफ इंडिया से मिल सकता है, जहां मजबूत रेटिंग अपग्रेड देखा गया है।

इन बैंकों के शेयर कर सकते हैं निराश, मुनाफे पर दबाव की आशंका

जहां एक तरफ कई बैंकों में रौनक है, वहीं कुछ बड़े बैंकों को लेकर निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इस लिस्ट में बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) का नाम सबसे आगे है, जहां यूएई (UAE) से जुड़े वन-टाइम सेटलमेंट और कमजोर लोन ग्रोथ के कारण मुनाफे में गिरावट की आशंका है। फेडरल बैंक (Federal Bank) की फीस इनकम कमजोर रहने से तिमाही आधार पर मुनाफा घट सकता है। इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) के माइक्रोफाइनेंस (MFI) कारोबार में सुधार के बावजूद मार्जिन पर दबाव के चलते कोई बहुत बड़ी ग्रोथ देखने को नहीं मिलेगी।

क्या है बैंकिंग सेक्टर के सामने सबसे बड़ी चुनौती और कासा (CASA) का रोल

इस तिमाही में बैंकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनके डिपॉजिट्स और कासा रेश्यो (Current Account & Savings Account) में आ रही सुस्ती है। रिटेल, हाउसिंग, व्हीकल और कॉर्पोरेट सेक्टर में लोन की मांग तो बंपर है, लेकिन बैंकों को लोन बांटने के लिए महंगे ब्याज पर फंड जुटाना पड़ रहा है। अगर आने वाले समय में भी डिपॉजिट ग्रोथ धीमी रहती है, तो बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव और ज्यादा गहरा सकता है, जिससे लोन ग्रोथ अच्छी होने के बाद भी बैंकों की शुद्ध कमाई प्रभावित हो सकती है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, केनरा बैंक, धनलक्ष्मी बैंक और आरबीएल बैंक जैसी संस्थाओं की लोन ग्रोथ पर इस बार विशेष नजर रहेगी।

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