Maharatna PSU Dividend: महारत्न कंपनी के निवेशकों के लिए बंपर कमाई का मौका; फाइनल डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट तय, जानिए किसे मिलेगा फायदा
शेयर बाजार में सरकारी कंपनियों (PSU Stocks) के शेयर हमेशा से ही अपने शानदार डिविडेंड यील्ड और नियमित रिटर्न के लिए निवेशकों की पहली पसंद बने रहते हैं। इसी कड़ी में महारत्न दर्जा प्राप्त प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम (Maharatna PSU) स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) और कोल इंडिया (Coal India) जैसी कंपनियों ने अपने निवेशकों को बड़ी खुशखबरी दी है। कंपनियों ने वित्तीय वर्ष के लिए घोषित फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की पात्रता तय करने हेतु आधिकारिक रिकॉर्ड डेट (Record Date) का ऐलान कर दिया है।
प्रति शेयर कितना मिलेगा डिविडेंड? जानिए पूरा ब्योरा
कंपनी द्वारा एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के अनुसार, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹2.35 प्रति शेयर (23.50%) का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
यह लाभांश कंपनी की आगामी 54वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद सीधे निवेशकों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह लगातार छठा वर्ष है जब कंपनी अपने निवेशकों को डिविडेंड रिवॉर्ड दे रही है।
क्या है रिकॉर्ड डेट और एक्स-डिविडेंड डेट?
शेयर बाजार में किसी भी कॉरपोरेट एक्शन या डिविडेंड का लाभ पाने के लिए रिकॉर्ड डेट सबसे अहम तारीख होती है:
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रिकॉर्ड डेट का महत्व: कंपनी की रिकॉर्ड बुक या डिपॉजिटरी (CDSL/NSDL) में जिस निवेशक का नाम रिकॉर्ड डेट के दिन तक दर्ज होगा, केवल वही शेयरधारक इस फाइनल डिविडेंड को पाने के योग्य होंगे।
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T+1 सेटलमेंट का नियम: भारतीय शेयर बाजार में T+1 सेटलमेंट साइकिल लागू होने के कारण एक्स-डिविडेंड डेट और रिकॉर्ड डेट आमतौर पर एक ही दिन होती हैं। ऐसे में नए निवेशकों को डिविडेंड का पात्र बनने के लिए रिकॉर्ड डेट से कम से कम एक कारोबारी दिन पहले शेयर खरीदकर अपने डीमैट खाते में होल्ड करना अनिवार्य होता है।
डीमैट खाते और बैंक अकाउंट में कब तक क्रेडिट होगा पैसा?
सेबी (SEBI) और कंपनी अधिनियम के नियमों के अनुसार, एजीएम (AGM) में शेयरधारकों द्वारा डिविडेंड प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के 30 दिनों के भीतर कंपनी को डिविडेंड राशि का भुगतान करना अनिवार्य होता है।
लागू नियमों के तहत स्रोत पर कर कटौती (TDS) काटने के बाद शुद्ध डिविडेंड राशि सीधे निवेशक के डीमैट खाते से लिंक प्राइमरी बैंक अकाउंट में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम (NACH/NEFT) द्वारा जमा कर दी जाएगी। जिन शेयरधारकों की कुल डिविडेंड आय ₹5,000 से कम है, उन पर टीडीएस नहीं काटा जाता, जबकि इससे अधिक राशि पर आवश्यक फॉर्म (15G/15H) जमा न करने पर मानक दरों के अनुसार टीडीएस कटौती होती है।
महारत्न पीएसयू में डिविडेंड का लगातार मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड
महारत्न पीएसयू स्टॉक्स की बैलेंस शीट मजबूत नकदी प्रवाह और नियमित लाभांश वितरण के लिए जानी जाती है। पिछले कुछ वर्षों में SAIL, Coal India और ONGC जैसी कंपनियों ने अपने शेयरधारकों को लगातार अंतरिम और अंतिम डिविडेंड देकर बाजार में अपनी मजबूत स्थिति बनाई रखी है।
लंबी अवधि के निवेशकों और रिटायर्ड व्यक्तियों के लिए ये पीएसयू स्टॉक्स पैसिव इनकम का एक विश्वसनीय माध्यम साबित होते हैं। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों की सलाह है कि केवल डिविडेंड के आधार पर नहीं, बल्कि कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, तिमाही नतीजों और भविष्य की ऑर्डर बुक को देखकर ही निवेश का निर्णय लेना चाहिए।