निवेशकों में भारी क्रेज, दूसरे दिन ही 143% सब्सक्राइब हुआ आईपीओ; NII हिस्सा 3 गुना पार
अगर आप आईपीओ (IPO) मार्केट में कमाई का मौका तलाश रहे हैं, तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। SBI Funds Management के आईपीओ को लेकर निवेशकों के बीच जबरदस्त दीवानगी देखने को मिल रही है। सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन ही इस पब्लिक इश्यू को निवेशकों का ताबड़तोड़ रिस्पॉन्स मिला है, जिसके चलते यह पूरी तरह से ओवरसब्सक्राइब हो चुका है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि एसबीआई ब्रांड नाम और मजबूत फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड के कारण रिटेल से लेकर हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (NIIs) तक, हर कोई इस आईपीओ में पैसे लगाने के लिए कतार में खड़ा है। आइए जानते हैं दूसरे दिन के बंद होने तक किस कैटेगरी में कितना सब्सक्रिप्शन मिला।
NII कैटेगरी में बंपर बोलियां, कोटा 3 गुना से ज्यादा भरा
इस आईपीओ के दूसरे दिन सबसे ज्यादा उत्साह न न-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के बीच देखा गया। NII के लिए आरक्षित हिस्सा 3 गुना से भी अधिक (300%+) सब्सक्राइब हो चुका है। बड़े निवेशकों द्वारा दिखाए गए इस भरोसे से साफ है कि बाजार को कंपनी के भविष्य और लिस्टिंग गेन (Listing Gains) को लेकर काफी उम्मीदें हैं।
रिटेल निवेशकों ने भी दिखाया पूरा दम
सिर्फ बड़े निवेशक ही नहीं, बल्कि आम यानी रिटेल निवेशकों (Retail Investors) ने भी इस इश्यू को हाथों-हाथ लिया है। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक कुल आईपीओ 143% सब्सक्राइब हो चुका है। रिटेल कोटा भी अपनी तय सीमा को पार कर चुका है, जिससे अब अलॉटमेंट (IPO Allotment) पाने के लिए मुकाबला कड़ा होने वाला है।
क्या चल रहा है ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP)?
मार्केट सोर्सेज के मुताबिक, सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों में आई इस तेजी का सीधा असर SBI Funds IPO GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर देखने को मिल रहा है। ग्रे मार्केट में यह शेयर मजबूत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके शानदार लिस्टिंग की ओर इशारा कर रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर तीसरे दिन भी यही रफ्तार रही, तो लिस्टिंग के दिन निवेशकों को तगड़ा मुनाफा हो सकता है।
एक्सपर्ट्स की राय: क्या आपको दांव लगाना चाहिए?
यदि आप इस आईपीओ में अंतिम दिन दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो विश्लेषकों का मानना है कि लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म दोनों ही नजरिए से यह एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। हालांकि, किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें और कंपनी के रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (RHP) को ध्यान से पढ़ें।