बंगाल के सरकारी कर्मचारियों की मौज! 7वें वेतन आयोग के गठन से मिलेगी बंपर सैलरी, 8वें वेतन आयोग का भी मिल सकता है सरप्राइज
देशभर के केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के लिए वेतन आयोग (Pay Commission) से जुड़ी बड़ी और बेहद रोमांचक खबरें सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां केंद्रीय कर्मचारियों को अगले साल की पहली छमाही तक आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राज्य सरकार ने बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने आधिकारिक तौर पर 22 जुलाई को राज्य के 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के गठन की विधिवत घोषणा कर दी है, जिससे बंगाल के लाखों कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
सुवेंदु अधिकारी सरकार का बड़ा कदम, इसी वित्त वर्ष में लागू करने का लक्ष्य
इससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में साफ कर दिया था कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के भीतर ही 7वें राज्य वेतन आयोग की सिफारिशों को जमीन पर उतारना है। मई महीने में पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत हासिल करने के बाद वहां की सरकार ने अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए इस वेतन आयोग पैनल के गठन को हरी झंडी दिखाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने भी चुनाव प्रचार के दौरान राज्य के कर्मचारियों से इस बात का वादा किया था, जिसे अब अमलीजामा पहनाया जा रहा है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस आयोग के लिए जो नया पैनल बनाया गया है, वह भविष्य में केंद्र की 8वीं वेतन आयोग की सिफारिशों पर भी विचार कर सकता है, जिसका मतलब है कि बंगाल के कर्मचारियों को दोहरा फायदा मिल सकता है।
क्या है पैनल की समय-सीमा और कार्यशैली? (Terms of Reference)
पश्चिम बंगाल के वित्त विभाग की ओर से जारी प्रस्ताव के अनुसार, चार सदस्यों वाला यह विशेष पैनल राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों की गहराई से समीक्षा करेगा। इस आयोग का मुख्य मुख्यालय कोलकाता में रहेगा, हालांकि जरूरत पड़ने पर यह राज्य के अन्य हिस्सों या राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी अपनी बैठकें आयोजित कर सकता है। पैनल को निर्देश दिए गए हैं कि वह प्रस्ताव प्रकाशित होने की तारीख से 6 महीने के भीतर या सरकार द्वारा तय किए गए समय के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपे। यह पैनल राज्य के विभिन्न विभागों, वैधानिक और गैर-वैधानिक निकायों तथा निगमों के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन ढांचे को आधुनिक जरूरतों के हिसाब से तर्कसंगत बनाने की सिफारिश करेगा।
महंगाई भत्ता (DA) और सेवा शर्तों की होगी समीक्षा
यह वेतन आयोग केवल मूल वेतन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह सरकारी सेवा में बेहतरीन प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें रोके रखने के लिए एक आकर्षक वेतन-भत्ते का नया ढांचा भी सुझाएगा। इसके अलावा, पैनल मौजूदा महंगाई भत्ते (DA) की दरों की पूरी समीक्षा करेगा और आने वाले समय के लिए एक बेहतर फॉर्मूला तैयार करेगा। यात्रा भत्ता (TA) और अन्य विशेष भत्तों तथा रियायतों की भी बारिकी से जांच की जाएगी। चुनाव के दौरान किया गया यह वादा अब धरातल पर उतर चुका है, जिससे आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल के लाखों कर्मचारियों के वेतन में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।