ईपीएफओ की बड़ी चेतावनी: एक फर्जी लिंक कर सकती है आपका पीएफ अकाउंट खाली, जानें साइबर ठगी से बचने के तरीके
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए ऑनलाइन फ्रॉड और फिशिंग अटैक को लेकर एक नई और बेहद जरूरी चेतावनी जारी की है। ईपीएफओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए "Think Before You Click" अभियान के तहत सदस्यों को सतर्क रहने की सलाह दी है। आजकल ज्यादातर पीएफ क्लेम, पासबुक चेकिंग और प्रोफाइल अपडेट की सेवाएं ऑनलाइन और उमंग ऐप के माध्यम से हो रही हैं। इसी सुविधा का फायदा उठाकर साइबर ठग ईपीएफओ जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटें और लिंक बनाकर लोगों के पास भेज रहे हैं। इन संदिग्ध लिंक्स पर एक छोटी सी गलती आपका यूएएन (UAN), पासवर्ड, आधार और बैंक डिटेल्स चोरी करवा सकती है।
कैसे काम करता है फर्जी लिंक का यह साइबर फ्रॉड खेल?
साइबर अपराधी अक्सर व्हाट्सएप संदेशों, एसएमएस (SMS), ईमेल या सोशल मीडिया के जरिए पीएफ खाताधारकों को लुभावने मैसेज भेजते हैं। इन संदेशों में "पीएफ बैलेंस चेक करें", "पेंशन क्लेम तुरंत प्रोसेस करें" या "खाता बंद होने से बचाएं" जैसी फर्जी चेतावनियां दी जाती हैं। जैसे ही कोई यूजर इन फर्जी मैसेज के साथ दिए गए वेब लिंक पर क्लिक करता है, तो एक असली जैसी दिखने वाली क्लोन वेबसाइट खुल जाती है।
इस नकली पोर्टल पर जैसे ही कोई यूजर अपना UAN नंबर, पासवर्ड, आधार कार्ड नंबर या बैंक डिटेल्स दर्ज करता है, वह सारी जानकारी सीधे साइबर अपराधियों के पास पहुंच जाती है। इसके बाद जालसाज आपके पीएफ खाते से पैसे निकालने की कोशिश करते हैं या फिर आपके फोन पर आए ओटीपी (OTP) को हासिल करके आपका पूरा बैंक खाता खाली कर देते हैं।
सुरक्षित रहने के लिए ईपीएफओ द्वारा जारी 6 प्रमुख दिशा-निर्देश
ईपीएफओ ने अपने सभी खाताधारकों को साइबर ठगी का शिकार होने से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। अगर आप अपने हार्ड-अर्न पैसों और व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो नीचे दी गई बातों का पालन जरूर करें:
-
आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें: किसी भी अनजान मैसेज या ईमेल में आए लिंक पर क्लिक करने के बजाय हमेशा खुद ब्राउजर में जाकर ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट (www.epfindia.gov.in या www.epfo.gov.in) ही खोलें।
-
यूआरएल (URL) की स्पेलिंग की जांच करें: किसी भी पोर्टल पर लॉगिन करने से पहले एड्रेस बार में वेबसाइट की स्पेलिंग ध्यान से देखें। फर्जी वेबसाइटों में स्पेलिंग में मामूली बदलाव या डोमेन नेम अलग होता है।
-
निजी क्रेडेंशियल्स शेयर न करें: अपने UAN नंबर, पासवर्ड, पीपीओ (PPO) नंबर, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट नंबर या ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी को किसी भी असत्यापित वेबसाइट पर दर्ज न करें।
-
ईपीएफओ कभी नहीं मांगता व्यक्तिगत जानकारी: ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि संगठन कभी भी अपने सदस्यों से फोन कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप, ईमेल या सोशल मीडिया के जरिए पर्सनल डिटेल्स या ओटीपी की मांग नहीं करता है।
-
संदेहास्पद मैसेजेस को तुरंत रिपोर्ट करें: यदि आपको कोई फर्जी लिंक या कॉल प्राप्त होता है, तो उसकी शिकायत ईपीएफओ के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर दर्ज कराएं।
-
उमंग ऐप (UMANG App) का उपयोग करें: मोबाइल के जरिए पीएफ सेवाएं हासिल करने के लिए केवल केंद्र सरकार के अधिकृत 'UMANG' ऐप का ही इस्तेमाल करें।