बैंक ऑफ इंडिया ने ग्राहकों को दिया तोहफा, FD पर ब्याज दरें बढ़ाईं सीनियर सिटीजंस को बंपर फायदा

बैंक ऑफ इंडिया ने ग्राहकों को दिया तोहफा, FD पर ब्याज दरें बढ़ाईं सीनियर सिटीजंस को बंपर फायदा

सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक, बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India - BOI) ने अपने ग्राहकों को बड़ी खुशखबरी देते हुए फिक्स्ड डिपॉजिट (Fix Deposits) की ब्याज दरों में इजाफा कर दिया है। बैंक की तरफ से जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, 3 करोड़ रुपये से कम की एफडी (FD under Rs 3 Crore) पर ब्याज दरों को बढ़ाया गया है। बैंक ऑफ इंडिया की ये नई दरें 18 मई से प्रभावी हो गई हैं।

शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और सोने-चांदी की कीमतों में अस्थिरता के बीच सुरक्षित निवेश और गारंटीड रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है।

सामान्य ग्राहकों के लिए नई एफडी दरें (BOI FD Interest Rates)

बैंक ऑफ इंडिया की नई ब्याज दरों के मुताबिक, अलग-अलग अवधि के लिए मिलने वाला ब्याज इस प्रकार है:

  • 1 साल से 2 साल से कम की एफडी: बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से इस अवधि के लिए 6.5 प्रतिशत का सालाना ब्याज दिया जा रहा है।

  • 2 साल से 3 साल से कम की एफडी: इस टेन्योर (अवधि) पर बैंक अपने ग्राहकों को 6.6 प्रतिशत ब्याज की पेशकश कर रहा है।

  • 3 साल की एफडी: यदि ग्राहक पूरे 3 साल के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट कराते हैं, तो उन्हें अब 6.7 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा।

सीनियर और सुपर सीनियर सिटीजंस को मिलेगा अतिरिक्त ब्याज

बैंक ऑफ इंडिया ने वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) और अति वरिष्ठ नागरिकों (Super Senior Citizens) के लिए हमेशा की तरह अधिक ब्याज दरों का प्रावधान किया है:

1. 6 महीने से लेकर 3 साल से कम की एफडी पर:

  • सीनियर सिटीजन: इन्हें सामान्य दरों की तुलना में 50 बेसिस प्वाइंट (0.50%) अतिरिक्त ब्याज मिलेगा।

  • सुपर सीनियर सिटीजन: इन्हें इस अवधि के दौरान 65 बेसिस प्वाइंट (0.65%) अधिक ब्याज का फायदा मिलेगा।

2. 3 साल या उससे अधिक की लंबी अवधि की एफडी पर:

  • सीनियर सिटीजन: 3 साल या उससे अधिक की एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य कस्टमर्स के मुकाबले 75 बेसिस प्वाइंट (0.75%) ज्यादा ब्याज मिलेगा।

  • सुपर सीनियर सिटीजन: अति वरिष्ठ नागरिकों को इस अवधि में 90 बेसिस प्वाइंट (0.90%) का बंपर फायदा बैंक की तरफ से दिया जाएगा।

बाजार की उथल-पुथल के बीच फिर लौटा एफडी का दौर

मौजूदा वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिस्थितियों को देखा जाए तो निवेशकों के लिए एफडी एक बार फिर सबसे सुरक्षित और पसंदीदा माध्यम बनता जा रहा है:

  • शेयर बाजार में गिरावट: घरेलू शेयर बाजार (सेंसेक्स और निफ्टी) में लगातार गिरावट देखी जा रही है, जिससे इक्विटी मार्केट में जोखिम बढ़ गया है।

  • सोने-चांदी पर बढ़ी इंपोर्ट ड्यूटी: सरकार द्वारा गोल्ड और सिल्वर पर इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) बढ़ाए जाने के कारण सराफा बाजार में अस्थिरता का माहौल है।

  • गारंटीड रिटर्न और सुरक्षा: इन विपरीत परिस्थितियों में एफडी (Fixed Deposit) निवेशकों को पूंजी की पूर्ण सुरक्षा के साथ-साथ तय समय पर फिक्स्ड रिटर्न की गारंटी देती है। यही वजह है कि युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक का रुझान एक बार फिर पारंपरिक बचत और एफडी की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।

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