8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! Group 'A' में बिना प्रमोशन ही बढ़ जाएगा Pay Level, जानें DoPT का नया आदेश

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! Group 'A' में बिना प्रमोशन ही बढ़ जाएगा Pay Level, जानें DoPT का नया आदेश

केंद्रीय कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए वेतन वृद्धि तथा करियर अपग्रेडेशन को लेकर एक अत्यंत सकारात्मक और राहत भरी खबर सामने आई है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) की चर्चाओं और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के नीतिगत आदेशों के तहत संगठित ग्रुप 'A' सेवाओं (Organised Group 'A' Services - OGAS) के अधिकारियों के लिए पदोन्नति में होने वाली प्रशासनिक देरी का समाधान निकाल लिया गया है।

नए नियमों और अपग्रेडेड पे-मैट्रिक्स व्यवस्था के तहत, अब वरिष्ठ ग्रुप 'A' अधिकारियों को विभाग में पद रिक्त न होने या औपचारिक पदोन्नति (Functional Promotion) न मिलने की स्थिति में भी अगला वित्तीय पे-लेवल (Pay Level) प्रदान किया जाएगा। इस व्यवस्था से हजारों सिविल सेवकों, रेलवे, डिफेंस प्रोडक्शन, टेलीकॉम, इंजीनियरिंग और अन्य केंद्रीय संवर्गों के अधिकारियों को सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा।

क्या है बिना प्रमोशन पे-लेवल बढ़ने का नियम? (Non-Functional Upgradation)

सरकारी सेवा में कई बार ऐसा होता है कि अधिकारी निर्धारित सेवा अवधि (Residency Period) पूरी कर लेते हैं और उनका प्रदर्शन भी उत्कृष्ट रहता है, लेकिन विभाग में उच्च पद (Hierarchy Vacancy) खाली न होने के कारण उनकी पदोन्नति वर्षों तक अटकी रह जाती है। इससे अधिकारियों में हताशा और सेवा असंतोष पैदा होता है।

इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार 'नॉन-फंक्शनल अपग्रेडेशन' (NFU) और 'नॉन-फंक्शनल सेलेक्शन ग्रेड' (NFSG) का प्रावधान लागू करती है। इसके तहत:

  • जब भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का कोई बैच केंद्र सरकार में किसी विशेष पे-लेवल (जैसे लेवल-11, 12, 13 या 14) पर इम्पैनल या तैनात होता है, तो उसी वरिष्ठता वाले अन्य संगठित ग्रुप 'A' सेवा के अधिकारियों को भी बिना नया पद दिए व्यक्तिगत रूप से (In Situ/Personal Basis) वही पे-लेवल और बेसिक पे जारी कर दिया जाता है।

  • यह अपग्रेडेशन विशुद्ध रूप से व्यक्तिगत होता है, यानी अधिकारी की जिम्मेदारियों या पदनाम में कोई फेरबदल किए बिना उनके वेतन और भत्तों को उच्च पे-लेवल के बराबर कर दिया जाता है।

DoPT के आदेश में क्या-क्या शर्तें और पात्रता तय हैं?

DoPT के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह वित्तीय अपग्रेडेशन हर किसी को स्वतः नहीं मिलता, बल्कि इसके लिए कड़े मूल्यांकन मानकों को पूरा करना होता है:

  • नियमित सेवा अवधि: अधिकारी ने अपने मूल संवर्ग में निर्धारित न्यूनतम सेवा वर्ष (Residency Period) सफलतापूर्वक पूरे किए हों।

  • वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (APAR): पिछले 5 वर्षों का कार्य प्रदर्शन रिकॉर्ड (Benchmarking) उच्च स्तर (Very Good/Outstanding) का होना अनिवार्य है।

  • विजिलेंस क्लीयरेंस: अधिकारी के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक या सतर्कता जांच (Vigilance Enquiry) लंबित नहीं होनी चाहिए।

  • स्क्रीनिंग कमेटी की मंजूरी: संबंधित मंत्रालय की विभागीय स्क्रीनिंग कमेटी (DSC) द्वारा सेवा रिकॉर्ड के संपूर्ण सत्यापन के बाद ही वित्तीय अपग्रेडेशन का आधिकारिक आदेश जारी होता है।

8वें वेतन आयोग के तहत पे-लेवल में संभावित उछाल (Expected Pay Matrix)

8वें वेतन आयोग के लागू होने पर संभावित फिटमेंट फैक्टर (1.92 से 2.28 तक) के आधार पर ग्रुप 'A' के विभिन्न पे-लेवल्स की बेसिक सैलरी में भारी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी:

  • पे लेवल 10 (Entry Level Group 'A'): 7वें वेतन आयोग में बेसिक सैलरी ₹56,100 से शुरू होती है, जो 8वें वेतन आयोग में बढ़कर अनुमानित ₹1,02,000 से ₹1,28,000 प्रति माह तक हो सकती है।

  • पे लेवल 11 (Deputy Secretary Level): वर्तमान बेसिक ₹67,700 से बढ़कर ₹1,23,000 से ₹1,54,000 के दायरे में आ सकती है।

  • पे लेवल 12 (Director / Joint Secretary Level): वर्तमान ₹78,800 की बेसिक ₹1,44,000 से ₹1,80,000 तक पहुंच सकती है।

  • पे लेवल 13 और 14 (SAG / Joint Secretary GoI): वर्तमान बेसिक ₹1,18,500 और ₹1,44,200 में भारी उछाल आएगा, जिससे इन स्तरों पर पहुंचने वाले अधिकारियों का टेक-होम वेतन उल्लेखनीय रूप से बढ़ेगा।

बिना प्रमोशन पे-लेवल अपग्रेड होने से अधिकारियों को सीधे अगले पे-लेवल का प्रारंभिक बेसिक पे मिलने लगता है, जिससे उनका महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और यात्रा भत्ता (TA) भी स्वतः बढ़ जाता है।

पेंशन और भविष्य के रिटायरमेंट लाभों पर असर

इस नॉन-फंक्शनल अपग्रेडेशन का सबसे बड़ा लाभ अधिकारियों को उनकी सेवानिवृत्ति के समय मिलता है। केंद्र सरकार के पेंशन नियमों के अनुसार, पेंशन का निर्धारण अंतिम आहरित मूल वेतन (Last Drawn Basic Pay) के आधार पर किया जाता है।

यदि किसी अधिकारी को रिटायरमेंट से पहले NFU के तहत उच्च पे-लेवल (जैसे लेवल-13 या लेवल-14) मिल चुका है, तो भले ही वह पदोन्नत न हुआ हो, उसकी मासिक पेंशन और ग्रेच्युटी की गणना उसी उच्च पे-लेवल के मूल वेतन पर की जाएगी। इससे सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा में भारी इजाफा होता है।

अखिल भारतीय सेवाओं और केंद्रीय संवर्गों में समानता का प्रयास

लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि केंद्रीय सचिवालय और फील्ड में तैनात विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक संवर्गों (जैसे IRS, IES, CPWD, IRTS, IDAS आदि) को आईएएस संवर्ग के समान समयबद्ध वित्तीय प्रगति मिलनी चाहिए।

DoPT का यह आदेश और 8th Pay Commission के अंतर्गत प्रस्तावित संरचना इस अंतर को पाटने की दिशा में एक मजबूत कदम है। इससे नौकरशाही के भीतर पदोन्नति की बाधाओं के बावजूद अधिकारियों की कार्यक्षमता और मनोबल उच्च बना रहेगा।

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