बिहार विधानसभा : राज्य में कोई वित्तीय संकट नहीं, सभी ठेकेदारों के बकायों का जल्द होगा भुगतान

बिहार विधानसभा : राज्य में कोई वित्तीय संकट नहीं, सभी ठेकेदारों के बकायों का जल्द होगा भुगतान

बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राज्य की आर्थिक स्थिति और विकास कार्यों के बजट को लेकर छिड़ी बहस पर सरकार की तरफ से तस्वीर पूरी तरह साफ कर दी गई है। सदन की लाइव कार्यवाही के दौरान वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने विपक्ष के सभी दावों को खारिज करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि वर्तमान में बिहार सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है और राज्य में किसी भी तरह का कोई वित्तीय संकट नहीं है। विपक्ष द्वारा पिछले कुछ दिनों से लगातार उठाए जा रहे उन सवालों पर विराम लग गया है जिनमें यह कहा जा रहा था कि फंड के अभाव में राज्य के विकास कार्य ठप पड़े हैं और ठेकेदारों के बिल अटके हुए हैं। वित्त मंत्री के इस आधिकारिक और स्पष्ट बयान के बाद निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों, वेंडर्स और व्यापारिक जगत ने बड़ी राहत की सांस ली है।

विपक्ष के आरोपों का करारा जवाब, ट्रेजरी और अर्थव्यवस्था पूरी तरह मजबूत

सदन में चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने सरकार के खजाने की स्थिति और वित्तीय कुप्रबंधन को लेकर कई तीखे सवाल खड़े किए थे। उनका आरोप था कि ट्रेजरी में पैसे न होने के कारण योजनाओं का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इन सभी आरोपों का माकूल जवाब देते हुए वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने सदन को आश्वस्त किया कि बिहार की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर है और वित्तीय अनुशासन का पूरी सख्ती के साथ पालन किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के पास संसाधनों का सुचारू प्रवाह बना हुआ है और किसी भी जरूरी योजना के लिए पैसों की कमी आड़े नहीं आएगी।

अटके भुगतानों से परेशान ठेकेदारों के लिए बड़ी राहत की खबर

राज्य में सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण से जुड़े हजारों ठेकेदारों और एजेंसियों के लिए वित्त मंत्री का यह बयान किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है। फंड की कमी की चर्चाओं के बीच पिछले काफी समय से ठेकेदार अपने बकायों के भुगतान को लेकर चिंतित नजर आ रहे थे। मंत्री के इस ऐलान के बाद अब यह तय हो गया है कि प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करते ही सभी लंबित भुगतानों को तेजी से रिलीज किया जाएगा। इससे न केवल अटकी हुई विकास परियोजनाओं को फिर से गति मिलेगी, बल्कि बाजार में नकदी का प्रवाह भी बेहतर होगा।

विधानसभा सत्र के दौरान गूंजे अन्य अहम मुद्दे, सत्ता और विपक्ष में तकरार

बिहार विधानसभा की इस लाइव कार्यवाही के दौरान वित्तीय मामलों के अलावा अन्य कई जनहित और प्रशासनिक मुद्दों पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस देखने को मिली। सरकार ने अपनी नीतियों का बचाव करते हुए यह संदेश देने की पूरी कोशिश की है कि राज्य में पारदर्शिता और विकास उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। वित्त मंत्री के इस दो टूक स्पष्टीकरण के बाद सदन के भीतर का माहौल भी सामान्य होता दिखा और सरकार ने यह साबित कर दिया कि बिहार का आर्थिक भविष्य पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत हाथों में है।

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