जिससे की थी मोहब्बत, उसी से तय हुई थी शादी... वाराणसी में सगाई के अगले ही दिन कमरे में मिली प्रेमी जोड़े की लाश
बिहार के रोहतास जिले के सासाराम से एक ऐसा दिल दहला देने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां युवाओं के लिए प्यार और शादी का मुकाम जिंदगी का सबसे खूबसूरत पल माना जाता है, वहीं सासाराम की रहने वाली मेधावी लॉ छात्रा प्रियंका सिंह की जिंदगी में यह खूबसूरत पड़ाव एक खौफनाक त्रासदी में बदल गया। जिस लड़के से उसने बेइंतहा मोहब्बत की, परिवार की रजामंदी से जिसके साथ उसकी शादी तय हुई और वाराणसी में धूमधाम से सगाई संपन्न हुई, उसी रिश्ते के दलदल में फंसकर उसने अपनी जान गंवा दी। इसी साल 12 मार्च 2026 को डेहरी के जमुहार स्थित एक लॉ कॉलेज के हॉस्टल के कमरे में प्रियंका सिंह का शव संदिग्धावस्था में बरामद हुआ था, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना के पूरे पांच महीने बीत जाने के बाद अब रोहतास पुलिस ने इस ब्लाइंड मिस्ट्री से पर्दा उठाते हुए एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि किस तरह से समाज की कुरीतियों और मानसिक प्रताड़ना के दबाव ने एक होनहार बेटी को मौत को गले लगाने के लिए मजबूर कर दिया। आइए इस विस्तृत लेख में जानते हैं कि इस प्रेम कहानी में ऐसा कौन सा काला मोड़ आया था जिसने खुशियों को हमेशा के लिए मातम में बदल दिया।
कॉलेज की पढ़ाई के दौरान परवान चढ़ा था प्यार का रिश्ता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका प्रियंका सिंह कानून (लॉ) की पढ़ाई कर रही थी और अपनी पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर व मेधावी छात्रा थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही उसका संपर्क उसी संस्थान में पढ़ने वाले छात्र अंकुर विशाल उर्फ आकाश के साथ हुआ। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह परिचय गहरे प्रेम संबंध में तब्दील हो गया। जब दोनों को यह महसूस हुआ कि वे एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते, तो उन्होंने अपने इस रिश्ते को एक कदम आगे बढ़ाने का फैसला किया। दोनों ने अपने-अपने परिवारों के सामने खुलकर अपने प्यार का इजार किया और आपस में शादी करने की इच्छा जताई। गनीमत यह रही कि दोनों पक्षों के परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद समाज और परिजनों की पूरी रजामंदी के साथ इसी साल फरवरी 2026 में उत्तर प्रदेश के धार्मिक शहर वाराणसी में इनकी भव्य तरीके से सगाई करवा दी गई। उस समय प्रियंका की दुनिया बेहद खूबसूरत लग रही थी क्योंकि उसके पास प्यार था, परिवार का आशीर्वाद था और जीवन का नया सफर शुरू होने की पूरी उम्मीद थी।
सगाई के कुछ ही दिनों बाद रिश्ते में आने लगी थीं खटास और दूरियां
लेकिन कहते हैं कि हर चमकती हुई चीज सोना नहीं होती। सगाई के कुछ ही हफ्तों के भीतर प्रियंका की जिंदगी में अचानक उथल-पुथल मचनी शुरू हो गई। जिस मंगेतर अंकुर विशाल के साथ उसने जिंदगी बिताने के सपने देखे थे, उसी के रवैये में धीरे-धीरे बदलाव आने लगा। पुलिस की जांच और तफ्तीश में यह बात खुलकर सामने आई है कि सगाई के बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर गंभीर तनाव और मनमुटाव पैदा हो गया था। मंगेतर और उसके परिवार की तरफ से लगातार कुछ ऐसी परिस्थितियां और मानसिक दबाव बनाए जा रहे थे, जिन्हें प्रियंका सहन नहीं कर पा रही थी। एक तरफ जहां वह अपनी पढ़ाई और भविष्य को लेकर समर्पित थी, वहीं दूसरी तरफ उसके निजी रिश्ते में आ रही खटास उसे अंदर ही अंदर खोखला करती जा रही थी। परिवार की इज्जत और समाज के तानों के बीच वह इस कदर घिर चुकी थी कि उसे अपने आसपास कोई भी रास्ता नजर नहीं आ रहा था।
लॉ कॉलेज के हॉस्टल में मिला था शव और मचा था कोहराम
इस मानसिक प्रताड़ना और गहरे तनाव का नतीजा यह निकला कि इसी वर्ष 12 मार्च 2026 को डेहरी के जमुहार स्थित लॉ कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में प्रियंका सिंह का शव संदिग्ध परिस्थितियों में लटका हुआ मिला। जैसे ही कॉलेज प्रशासन और हॉस्टल के अन्य छात्रों को इस घटना की भनक लगी, पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया तथा पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती दौर में इस घटना को सामान्य आत्महत्या मानकर जांच शुरू की गई थी, लेकिन मृतका के परिवारवालों का आरोप था कि यह महज आत्महत्या नहीं है बल्कि इसके पीछे एक गहरी साजिश और मानसिक टॉर्चर का हाथ है। परिवार ने साफ तौर पर मंगेतर और उसके परिजनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद रोहतास पुलिस ने इस पूरे मामले की परतें उधेड़नी शुरू कर दीं।
पांच महीने की लंबी जांच के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन
घटना के बाद लगभग पांच महीनों तक रोहतास पुलिस और अनुसंधान टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल चैट्स और तमाम गवाहों के बयानों के आधार पर इस मामले की एक-एक कड़ी को जोड़ा। पुलिस की जांच में यह पुख्ता तौर पर साबित हो गया कि मंगेतर और उसके परिवार के द्वारा लगातार दी जा रही मानसिक प्रताड़ना के कारण ही प्रियंका ने यह खौफनाक कदम उठाया था। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद रोहतास पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के मंगेतर अंकुर विशाल उर्फ आकाश और उसके पिता अजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को कानून की गिरफ्त में लेकर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, ताकि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से पूरी की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है ताकि पीड़िता को पूरा न्याय मिल सके।
समाज और युवाओं के लिए एक बड़ा और गंभीर सबक
सासाराम की इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आज के दौर में जहां युवा प्रेम और विवाह जैसे बड़े फैसले अपनी मर्जी से लेते हैं, वहीं कई बार आपसी संवाद की कमी, पारिवारिक दबाव और मानसिक प्रताड़ना रिश्तों को एक खौफनाक मोड़ पर ले आती है। किसी भी रिश्ते में यदि मनमुटाव या विवाद पैदा होता है, तो उसका अंत अपनी जान देकर करना किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। परिजनों और समाज को भी यह समझने की जरूरत है कि युवा पीढ़ी पर अनावश्यक मानसिक दबाव न बनाया जाए। प्रियंका सिंह की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि जीवन हर परिस्थिति से ज्यादा अनमोल है, और अपनों के साथ समय रहते संवाद कायम करके इस तरह की त्रासदियों से बचा जा सकता है। रोहतास पुलिस की यह कार्रवाई भले ही आरोपियों को सलाखों के पीछे ले आई हो, लेकिन एक होनहार लॉ छात्रा की इस तरह मौत हो जाना पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।