पटनावासियों के लिए बड़ी खुशखबरी! अपनी हर सरकारी समस्या का मिनटों में करें समाधान
बिहार की राजधानी पटना के निवासियों और आम जनता के लिए प्रशासनिक मोर्चे से इस वक्त की एक बेहद अहम, काम की और सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। यदि आप भी बिजली बिल की गड़बड़ी, जमीन-जायदाद के विवाद, राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, पानी की किल्लत या फिर किसी भी सरकारी योजना का लाभ न मिल पाने जैसी गंभीर समस्याओं से पिछले काफी समय से परेशान हैं और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं, तो अब आपको बिल्कुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। पटना जिला प्रशासन और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के आपसी तालमेल से राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में विशेष 'सहयोग शिविर' (Sahyog Shivir) का मेगा आयोजन होने जा रहा है। इन शिविरों का सबसे बड़ा मकसद आम जनता की शिकायतों का मौके पर ही त्वरित और पारदर्शी तरीके से निवारण (Grievance Redressal) करना है। सबसे खास बात यह है कि जो लोग शारीरिक रूप से इन शिविरों में नहीं पहुंच सकते, उनके लिए सरकार ने घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने और उसकी लाइव ट्रैकिंग करने की शानदार डिजिटल सुविधा भी शुरू की है। आइए एक ग्राउंड रिपोर्टर की नजर से विस्तार से जानते हैं कि इस बार पटना में ये सहयोग शिविर कहां-कहां लगाए जा रहे हैं और आप अपनी समस्याओं के परमानेंट समाधान के लिए यहां कैसे पहुंच सकते हैं।
जानिए पटना के किन-किन प्रमुख चौराहों और सरकारी दफ्तरों में सजेंगे सहयोग शिविर के काउंटर
पटना जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालय से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, इस बार जनता की भारी भीड़ और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सहयोग शिविरों का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। राजधानी के सभी प्रमुख अनुमंडलों और प्रखंडों में इन शिविरों के लिए विशेष हाईटेक पंडाल और काउंटर बनाए जा रहे हैं। मुख्य रूप से पटना सदर, गर्दनीबाग, कंकड़बाग, फुलवारीशरीफ, दानापुर, गायघाट और पटना सिटी के स्थानीय नगर निगम कार्यालयों, विकास भवन और प्रखंड मुख्यालयों में इन शिविरों का आयोजन तय शेड्यूल के मुताबिक किया जाएगा। इन सभी शिविरों में सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक जिले के तमाम बड़े प्रशासनिक अधिकारी, जैसे एसडीओ, अंचल अधिकारी (CO), प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और बिजली व पीएचईडी विभाग के इंजीनियर्स खुद मौजूद रहकर जनता की फरियाद सुनेंगे और फाइलों का ऑन-स्पॉट निपटारा करेंगे।
बिजली, पानी, राशन कार्ड से लेकर भूमि विवाद तक, हर एक मर्ज का मौके पर ही होगा पक्का इलाज
अक्सर देखा जाता है कि आम जनता को एक छोटे से काम के लिए कई हफ्तों तक बाबुओं की जी-हुजूरी करनी पड़ती है, लेकिन इन सहयोग शिविरों की पूरी कार्यप्रणाली बिल्कुल अलग और जन-हितैषी बनाई गई है। इस बार के शिविरों में मुख्य रूप से मुख्यमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था व विधवा पेंशन योजना के लंबित मामले, नया राशन कार्ड बनवाने या उसमें सुधार करने, जमीन का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) कराने और आधार कार्ड अपडेशन से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही, मानसून के सीजन को देखते हुए जलजमाव, नालियों की सफाई और फॉगिंग से जुड़ी नागरिक शिकायतों के लिए एक अलग डैडेडिकेटेड काउंटर स्थापित किया जा रहा है ताकि शिकायतों पर 24 से 48 घंटे के भीतर सीधे धरातल पर एक्शन लिया जा सके।
दफ्तर जाने की झंझट खत्म! स्मार्टफोन से ऐसे घर बैठे ऑनलाइन दर्ज कराएं अपनी पूरी शिकायत
इस बार के सहयोग शिविरों को पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में बिहार सरकार के सूचना प्रावैधिकी विभाग ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। जो कामकाजी लोग, बुजुर्ग या महिलाएं धूप और भीड़ की वजह से शिविरों के काउंटर तक नहीं पहुंच सकते, वे अपने मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए बिहार सरकार के आधिकारिक लोक शिकायत निवारण पोर्टल (IGRMS) या पटना जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 'ऑनलाइन सहयोग' (Online Sahyog) के विकल्प को चुन सकते हैं। यहां आपको अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर एक साधारण सा फॉर्म भरना होगा और अपनी शिकायत से जुड़े दस्तावेज अपलोड करने होंगे। ऑनलाइन शिकायत दर्ज होते ही आपके मोबाइल पर एक यूनिक ग्रीवेंस नंबर आएगा, जिसके जरिए आप घर बैठे जान सकेंगे कि आपकी शिकायत पर किस अधिकारी ने क्या कार्रवाई की है।
जिला प्रशासन की सख्त हिदायत, लापरवाही बरतने वाले लापरवाह कर्मचारियों और अफसरों पर गिरेगी गाज
पटना के जिलाधिकारी ने इस बार के सहयोग शिविरों की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की है। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि सहयोग शिविरों में आने वाली किसी भी शिकायत को ठंडे बस्ते में नहीं डाला जाना चाहिए। हर एक काउंटर पर सीसीटीवी कैमरों और हेल्पडेस्क के जरिए सीधे जिला मुख्यालय से निगरानी की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी के स्तर पर जानबूझकर जनता के काम को लटकाने या टालमटोल करने का मामला सामने आता है, तो उनके खिलाफ तुरंत विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और उनका वेतन रोकने तक का कड़ा फैसला लिया जा सकता है। प्रशासन की इस अभूतपूर्व कड़ाई को देखकर उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार पटनावासियों की सालों पुरानी समस्याओं का जड़ से खात्मा हो जाएगा, इसलिए बिना किसी देरी के अपनी शिकायतों के साथ इन शिविरों का लाभ जरूर उठाएं।