घाटशिला उपचुनाव में हेमंत सोरेन ने चंपई पर बोला तीखा हमला, पूछा-बीजेपी से क्यों मिलाया हाथ?
News India Live, Digital Desk: झारखंड की घाटशिला विधानसभा सीट पर हो रहा उपचुनाव सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि गुरु-चेले के बीच वर्चस्व की लड़ाई बन गया है। सोमवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने राजनीतिक गुरु और मौजूदा मुख्यमंत्री चंपई सोरेन पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने चंपई सोरेन पर सीधा आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी कुर्सी बचाने के लिए बीजेपी से हाथ मिला लिया है।
"चंपई दादा ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा"
हेमंत सोरेन घाटशिला में JMM उम्मीदवार रामदास सोरेन के पक्ष में एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान वे बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "मैंने चंपई दादा को पिता तुल्य सम्मान दिया, उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाया। लेकिन उन्होंने क्या किया? उन्होंने हमारी पीठ में छुरा घोंप दिया और उन लोगों (बीजेपी) के साथ मिल गए, जिन्होंने मुझे झूठे केस में जेल भेजा।"
हेमंत सोरेन ने भीड़ से सवाल किया, "आप बताइए, एक आदिवासी का बेटा जेल में था और वे लोग (चंपई गुट) दिल्ली में बीजेपी नेताओं के साथ बैठकें कर रहे थे। यह कैसा न्याय है? यह झारखंड की अस्मिता के साथ धोखा है।"
क्यों महत्वपूर्ण है घाटशिला का उपचुनाव?
घाटशिला का उपचुनाव JMM के लिए नाक का सवाल बन गया है। यह चुनाव सिर्फ एक सीट का फैसला नहीं करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा का असली नेता कौन है - हेमंत सोरेन या चंपई सोरेन।
- सीता सोरेन हैं बीजेपी उम्मीदवार: इस लड़ाई को और दिलचस्प बना दिया है हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन ने, जो JMM छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गई हैं और यहां से उम्मीदवार हैं।
- अस्तित्व की लड़ाई: हेमंत सोरेन के लिए यह चुनाव अपने राजनीतिक अस्तित्व को फिर से स्थापित करने और यह साबित करने का मौका है कि JMM पर आज भी उन्हीं का नियंत्रण है।
- चंपई सोरेन की परीक्षा: वहीं, मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के लिए यह चुनाव अपनी साख बचाने की चुनौती है। अगर यहां JMM हारती है, तो उनके नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े हो जाएंगे।
हेमंत सोरेन ने लोगों से भावुक अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव सिर्फ एक विधायक चुनने का नहीं, बल्कि झारखंड के स्वाभिमान को बचाने और धोखेबाजों को सबक सिखाने का चुनाव है। उनके इस आक्रामक रुख ने घाटशिला के सियासी पारे को और भी गरमा दिया है।