भारत-कतर संबंधों को नई ऊंचाई, पीएम मोदी और कतर के अमीर के बीच अहम समझौते

India Qatar 12 1739883389191 173

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-सानी के बीच हुई वार्ता में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने पर सहमति बनी। इस बैठक में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और जन-से-जन संपर्क जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने भारत-कतर संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया।

भारतीय नौसेना अधिकारी का मामला चर्चा में

बैठक के दौरान कतर में अब भी 600 भारतीयों के जेल में होने का मुद्दा उठा। इनमें भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कमांडर पूर्णेंदु तिवारी भी शामिल हैं, जिन्हें अब तक रिहाई नहीं मिली है। पिछले साल कतर में कैद सात पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारियों की सजा को बदलकर कारावास में तब्दील कर दिया गया था, और फरवरी 2024 में वे भारत लौट आए थे। लेकिन कमांडर तिवारी अब भी कतर में कैद हैं।

विदेश मंत्रालय के अधिकारी अरुण कुमार चटर्जी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमीर और उनकी सरकार द्वारा भारतीय नागरिकों के संरक्षण और कल्याण के प्रयासों की सराहना की। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पीएम मोदी और कतर के अमीर के बीच नौसेना अधिकारी को लेकर प्रत्यक्ष बातचीत हुई या नहीं।

कतर की जेलों में 600 भारतीय बंद, 85 को मिली माफी

भारत और कतर के बीच कैदियों के हस्तांतरण पर एक समझौता हुआ है, हालांकि इसे कतर सरकार की स्वीकृति मिलना बाकी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2024 में अब तक 85 भारतीय कैदियों को माफी दी गई है।

व्यापार और निवेश में नई संभावनाएं

भारत और कतर के बीच वर्तमान वार्षिक व्यापार 14 अरब डॉलर का है, जिसे अगले 5 वर्षों में दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। कतर का सॉवरेन वेल्थ फंड कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (QIA) भारत में 1.5 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) कर चुका है और आगे निवेश बढ़ाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में कदम

भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर चर्चा जारी है। कतर भारत का प्रमुख LNG आपूर्तिकर्ता है, और हाल ही में कतर एनर्जी और पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के बीच 20 वर्षों के लिए 7.5 मिलियन मीट्रिक टन LNG आपूर्ति का समझौता हुआ है, जो 2028 से प्रभावी होगा।

दोहरे कराधान से बचाव को लेकर समझौता

भारत और कतर ने दोहरे कराधान से बचने और आय पर करों के संबंध में राजकोषीय चोरी की रोकथाम के लिए एक संशोधित समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का आदान-प्रदान कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल सानी और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया।

अमीर का भव्य स्वागत

कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल सानी का भारत में राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके सम्मान में औपचारिक रात्रिभोज का आयोजन किया। इस यात्रा में कतर के प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और शीर्ष व्यापारिक प्रतिनिधि भी शामिल थे।

भारत-कतर संबंधों को और मजबूती देने के लिए इस यात्रा को ऐतिहासिक माना जा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा मिलेगी।