बप्पा के दर्शन करने हैं? तो भारत की इन 7 जगहों पर जाइए, ऐसा गणेश चतुर्थी का जश्न आपने कहीं नहीं देखा होगा!
गणपति बप्पा मोरया! गणेश चतुर्थी का त्योहार आते ही पूरा देश भक्ति और उत्सव के रंग में सराबोर हो जाता है। ढोल-ताशे की गूंज, 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारे, और मोदक की मीठी खुशबू... यह त्योहार अपने साथ एक ऐसी ऊर्जा लेकर आता है जो हर किसी को खुशियों से भर देती है।
वैसे तो बप्पा का यह जन्मोत्सव हर गली, हर मोहल्ले में धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन भारत में कुछ जगहें ऐसी भी हैं, जहां गणेश चतुर्थी का जश्न इतना भव्य और शानदार होता है कि उसे देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं। अगर आप भी इस साल (29 अगस्त 2025, शुक्रवार) गणेश चतुर्थी को यादगार बनाना चाहते हैं और बप्पा के कुछ सबसे चमत्कारी रूपों के दर्शन करना चाहते हैं, तो भारत की इन 7 जगहों की यात्रा का प्लान जरूर बनाएं।
1. मुंबई, महाराष्ट्र: जहां बसते हैं 'बप्पा'
जब गणेश चतुर्थी की बात हो, तो मुंबई का नाम सबसे पहले आता है। यह शहर 10 दिनों के लिए एक विशाल पंडाल में बदल जाता है।
- क्यों जाएं: यहां आपको 'लालबागचा राजा' के दर्शन करने का सौभाग्य मिलेगा, जिन्हें 'मन्नतों का राजा' भी कहा जाता है। इसके अलावा, 'गणेश गली के राजा' और 'जीएसबी सेवा मंडल' के पंडाल भी बेहद भव्य होते हैं। यहां की रौनक, उत्साह और विसर्जन का नजारा जिंदगी में एक बार देखने लायक होता है।
2. पुणे, महाराष्ट्र: जहां से हुई परंपरा की शुरुआत
पुणे को गणेशोत्सव का सांस्कृतिक दिल कहा जाता है। यहीं से लोकमान्य तिलक ने इस त्योहार को एक सामाजिक और सार्वजनिक उत्सव का रूप दिया था।
- क्यों जाएं: पुणे अपने पारंपरिक जश्न और 'पंच गणपति' के लिए मशहूर है। यहां आपको दगडूशेठ हलवाई गणपति के भव्य पंडाल के अलावा, पारंपरिक ढोल-ताशे की गूंज और एक बहुत ही अनुशासित और सांस्कृतिक माहौल देखने को मिलेगा।
3. गोवा: गणपति और समंदर का अनोखा संगम
गोवा को हम अक्सर पार्टियों और बीच के लिए जानते हैं, लेकिन यहां गणेश चतुर्थी का त्योहार भी बहुत श्रद्धा और धूमधाम से मनाया जाता है।
- क्यों जाएं: यहां आपको पारंपरिक कोंकणी अंदाज में गणेशोत्सव देखने को मिलेगा। मार्सेल और मापुसा जैसे शहरों में बड़े-बड़े पंडाल सजते हैं और यहां के स्थानीय मंदिरों की सजावट भी देखने लायक होती है।
4. हैदराबाद, तेलंगाना: जहां विराजते हैं भारत के सबसे ऊंचे गणपति
हैदराबाद का गणेशोत्सव अपनी विशालता और भव्यता के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है।
- क्यों जाएं: यहां हर साल खैरताबाद में भारत की सबसे ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित की जाती है, जिसे देखने के लिए लाखों की भीड़ उमड़ती है। इस विशाल प्रतिमा का विसर्जन जुलूस भी एक अद्भुत दृश्य होता है।
5. गणपतिपुले, महाराष्ट्र: जहां समंदर करते हैं बप्पा का अभिषेक
यह एक अनोखा और स्वयंभू गणेश मंदिर है जो अरब सागर के ठीक किनारे बसा है।
- क्यों जाएं: यहां 400 साल पुरानी स्वयंभू (चट्टान से निकली) गणेश प्रतिमा है। ऐसा माना जाता है कि यहां खुद समंदर बप्पा के चरण धोता है। गणेश चतुर्थी के दौरान यहां का माहौल बेहद शांत और आध्यात्मिक होता है।
6. बेंगलुरु, कर्नाटक: टेक्नोलॉजी सिटी में परंपरा के रंग
भारत की 'सिलिकॉन वैली' भी बप्पा की भक्ति में पीछे नहीं है।
- क्यों जाएं: बेंगलुरु के बसवनगुडी और जयमहल जैसे इलाकों में बहुत ही सुंदर और इको-फ्रेंडली पंडाल लगाए जाते हैं। यहां पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहती है।
7. तिरुवनंतपुरम, केरल: दक्षिण का अपना गणेशोत्सव
केरल में भी भगवान गणेश की पूजा बहुत ही श्रद्धा के साथ की जाती है।
- क्यों जाएं: तिरुवनंतपुरम के पझवंगडी गणपति मंदिर में गणेश चतुर्थी के दिन विशेष पूजा और अनुष्ठान होते हैं। यहां आपको दक्षिण भारतीय परंपराओं के अनुसार बप्पा का जन्मोत्सव देखने का एक अलग और दिव्य अनुभव मिलेगा।
इस गणेश चतुर्थी, सिर्फ अपने शहर में ही नहीं, बल्कि भारत के इन खूबसूरत कोनों में जाकर बप्पा के अलग-अलग रूपों के दर्शन करें और इस त्योहार को हमेशा के लिए यादगार बना लें।