ज़िंदगी में रहना है सुखी और सफल, तो गरुड़ पुराण के अनुसार इन 5 लोगों से आज ही बना लें दूरी
News India Live, Digital Desk: हम सब अपनी ज़िंदगी में सुख, शांति और सफलता चाहते हैं. इसके लिए हम कड़ी मेहनत भी करते हैं, लेकिन कई बार हमारी संगति ही हमारी परेशानियों का सबसे बड़ा कारण बन जाती है. हम कैसे लोगों के साथ अपना समय बिताते हैं, इसका हमारी सोच और हमारे भविष्य पर बहुत गहरा असर पड़ता है.
हिंदू धर्म के 18 महापुराणों में से एक, गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु ने अपने वाहन गरुड़ को जीवन और मृत्यु से जुड़े कई गहरे रहस्य बताए हैं. इसी पुराण में यह भी बताया गया है कि हमें अपनी ज़िंदगी में कैसे लोगों से हमेशा दूर रहना चाहिए. अगर इन लोगों का साथ छोड़ दिया जाए, तो इंसान कई मुसीबतों से बच सकता है और तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ सकता है.
आइए जानते हैं, गरुड़ पुराण के अनुसार वे 5 तरह के लोग कौन हैं, जिनसे दूरी बनाना ही समझदारी है.
1. जो हमेशा दूसरों की बुराई करते हैं (निंदक)
कुछ लोगों की आदत होती है हर किसी में कमी निकालने की. वे आपके सामने दूसरों की बुराई करेंगे और दूसरों के सामने आपकी. ऐसे लोग नकारात्मक ऊर्जा से भरे होते हैं और उनके साथ रहने से आपकी सोच भी धीरे-धीरे वैसी ही होने लगती है. ये लोग किसी के सगे नहीं होते और मौका मिलते ही आपको भी धोखा दे सकते हैं.
2. जिन्हें अपने ज्ञान का घमंड हो (अहंकारी)
ज्ञान अच्छी बात है, लेकिन उसका घमंड इंसान को बर्बाद कर देता है. जो व्यक्ति हमेशा खुद को सबसे ज्यादा ज्ञानी समझता है और दूसरों को नीचा दिखाने की कोशिश करता है, वो कभी किसी की अच्छी सलाह नहीं मानता. ऐसे लोगों के साथ रहने से आप कभी कुछ नया नहीं सीख पाएंगे और आपका आत्मविश्वास भी कम हो सकता है.
3. जो कभी संतुष्ट नहीं होते (लालची)
जिस इंसान के मन में लालच और असंतोष का भाव होता है, वो कभी खुश नहीं रह सकता. ऐसे लोग हमेशा दूसरों की तरक्की से जलते हैं और उनके पास जो कुछ है, उसकी कभी कद्र नहीं करते. इनकी संगत में रहकर आपके मन में भी लालच और ईर्ष्या जैसी बुरी भावनाएं आ सकती हैं, जो आपको शांति से जीने नहीं देंगी.
4. जो सिर्फ अपने मतलब से बात करते हैं (स्वार्थी)
स्वार्थी लोग सिर्फ तभी आपसे रिश्ता रखते हैं, जब उन्हें आपसे कोई काम होता है. अपना मतलब निकलते ही वे आपको पहचानेंगे भी नहीं. ऐसे दोस्त या रिश्तेदार आपकी भावनाओं की कभी कद्र नहीं करते. इनसे दूर रहना ही बेहतर है, वरना आप हमेशा खुद को ठगा हुआ महसूस करेंगे.
5. नकारात्मक सोच वाले लोग (निराशावादी)
कुछ लोग हर चीज में सिर्फ बुराई ही देखते हैं. आप उनके सामने कोई भी अच्छा काम लेकर जाइए, वे उसमें दस कमियां गिना देंगे. ऐसे निराशावादी लोगों के साथ रहने से आपकी भी सकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है और आप जीवन में आगे बढ़ने का हौसला खोने लगते हैं.
अगर आपके जीवन में भी ऐसे लोग हैं, तो उनसे धीरे-धीरे दूरी बनाना शुरू कर दीजिए. यकीन मानिए, ऐसा करने से आप अपनी ज़िंदगी में एक बड़ा और अच्छा बदलाव महसूस करेंगे.