मुझे वर्ल्ड कप खेलना है यशस्वी जायसवाल ने सेलेक्टर्स को दिया ओपन चैलेंज

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News India Live, Digital Desk : क्रिकेट में कहते हैं न कि 'बल्ले की गूंज' किसी भी शोर से ज्यादा तेज होती है? ठीक वैसा ही कुछ हाल फिलहाल हमारे यंग स्टार यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) का है। यह लड़का रुकने का नाम नहीं ले रहा और अब तो उन्होंने खुलेआम अपनी दिली ख्वाहिश दुनिया के सामने रख दी है। सीधा और साफ़ मैसेज दिया है अजीत अगरकर और गौतम गंभीर की टीम को "मुझे टी20 वर्ल्ड कप खेलना है!"

दिल की बात जुबां पर (Straight from the heart)

यार, हम सब जानते हैं कि यशस्वी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। पानी-पूरी बेचने से लेकर टीम इंडिया की जर्सी पहनने तक का उनका सफर हर किसी को भावुक कर देता है। लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। हाल ही में एक इंटरव्यू में, इस बाएं हाथ के तूफानी बल्लेबाज ने कहा कि देश के लिए वर्ल्ड कप उठाना उनका बचपन का सपना है।

यशस्वी का कहना है, "मैं किसी भी हाल में खुद को तैयार रख रहा हूँ। मेरा फोकस सिर्फ प्रोसेस पर है, लेकिन अंतिम सपना तो वही चमचमाती ट्रॉफी है।" भाई, इसे कहते हैं कॉन्फिडेंस! वो सिर्फ खेल नहीं रहा है, वो मांग रहा है जो उसे लगता है कि उसका हक है।

भीड़ बहुत है, पर यशस्वी अलग है (Heavy Competition)

अब देखो, समस्या टैलेंट की नहीं, 'ट्रैफिक' की है। टीम इंडिया में अभी ओपनिंग स्लॉट के लिए मारामारी मची है। एक तरफ प्रिंस शुभमन गिल हैं, दूसरी तरफ अभिषेक शर्मा जैसे विस्फोटक बल्लेबाज लाइन में हैं और ऋतुराज गायकवाड़ भी दरवाजा खटखटा रहे हैं।

ऐसे में यशस्वी का यह बयान एक तरह से सेलेक्टर्स को याद दिलाने का तरीका है कि "भईया, मैं यहाँ हूँ और रन बना रहा हूँ।" चाहे IPL हो या इंटरनेशनल द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series), जायसवाल ने दिखाया है कि वो पहली गेंद से ही बॉलर की धज्जियां उड़ा सकते हैं। मॉडर्न टी20 क्रिकेट को ऐसे ही 'बेखौफ' अप्रोच की जरूरत है।

अब सेलेक्टर्स के पाले में गेंद

बात मुद्दे की यह है कि आने वाला टी20 वर्ल्ड कप (जो कि 2026 में भारत और श्रीलंका में होना है) दूर नहीं है। तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है। यशस्वी ने अपना कार्ड खेल दिया है। वो न सिर्फ रन बना रहे हैं, बल्कि अब वोकली (Vocally) भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।

फैंस तो यही चाहते हैं कि इस लड़के को मौका मिले। जिस तरह से वो कवर ड्राइव मारता है और जिस बेफिक्री से वो पुल शॉट खेलता है, वो देखने का अलग ही सुकून है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या सेलेक्टर्स इस जोश और जुनून पर भरोसा जताते हैं? क्योंकि एक बात तो तय है—यशस्वी जायसवाल लंबी रेस का घोड़ा है, और वो वर्ल्ड कप की बस मिस करने के मूड में बिलकुल नहीं है!