Hyperhidrosis in kids : क्या आपका बच्चा भी बहाता है ज़रूरत से ज़्यादा पसीना? इसे नज़रअंदाज़ करना पड़ सकता है भारी
News India Live, Digital Desk: Hyperhidrosis in kids : बच्चों का खेलना-कूदना, दौड़ना-भागना और फिर पसीने से तर-बतर हो जाना एक आम बात है। ज़्यादातर माता-पिता इसे बच्चे की अच्छी सेहत और एक्टिव होने की निशानी मानते हैं। लेकिन, अगर आपका बच्चा बिना किसी ख़ास वजह के, यानी बिना खेले या सामान्य तापमान में भी बहुत ज़्यादा पसीना बहाता है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है।
डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों में ज़रूरत से ज़्यादा पसीना आना, जिसे मेडिकल भाषा में 'हाइपरहाइड्रोसिस' (Hyperhidrosis) कहते हैं, किसी अंदरूनी और गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। इसलिए, इसे सिर्फ़ गर्मी मानकर नज़रअंदाज़ करने की भूल नहीं करनी चाहिए।
किन गंभीर बीमारियों का हो सकता है यह संकेत?
बच्चों में असामान्य रूप से ज़्यादा पसीना आना कई स्वास्थ्य समस्याओं की ओर इशारा कर सकता है। इनमें से कुछ प्रमुख हैं:
1. दिल से जुड़ी समस्या (खासकर नवजात शिशुओं में)
अगर आपका बहुत छोटा बच्चा, ख़ासकर नवजात शिशु, दूध पीते समय या सोते समय पसीने में भीग जाता है, तो यह सबसे बड़ी ख़तरे की घंटी हो सकती है। यह जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease) का एक लक्षण हो सकता है। ऐसे में दिल को शरीर में खून पंप करने के लिए ज़रूरत से ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, ठीक वैसे ही जैसे हम दौड़ते समय करते हैं। इसी अतिरिक्त मेहनत के कारण बच्चे को बहुत पसीना आता है। दूध पीते समय पसीना आना, बच्चे की त्वचा का नीला पड़ना और सांस का तेज़ चलना - ये सभी लक्षण दिल की बीमारी की ओर इशारा करते हैं।
2. हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism)
थायराइड हमारे शरीर के मेटाबॉलिज़्म को कंट्रोल करने वाली एक ग्रंथि है। जब यह ग्रंथि ज़रूरत से ज़्यादा सक्रिय हो जाती है, तो शरीर का मेटाबॉलिज़्म बहुत तेज़ हो जाता है। इससे शरीर में ज़्यादा गर्मी पैदा होती है और बच्चे को बहुत ज़्यादा पसीना आने लगता है, भले ही मौसम ठंडा क्यों न हो।
3. स्लीप एपनिया (Sleep Apnea)
यह नींद से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसमें सोते समय व्यक्ति की सांस बार-बार रुकती और चलती है। जब सांस रुकती है, तो शरीर को सांस लेने के लिए बहुत ज़ोर लगाना पड़ता है। इस संघर्ष में शरीर का तापमान बढ़ जाता है और बच्चे को, खासकर रात में सोते समय, बहुत ज़्यादा पसीना आता है।
4. तनाव और चिंता (Anxiety)
कई बार बड़े बच्चों में बहुत ज़्यादा पसीना आने का कारण मानसिक भी हो सकता है। स्कूल का तनाव, परीक्षा की चिंता या किसी और बात का डर भी शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ा देता है, जिससे पसीना ज़्यादा आता है।
माता-पिता क्या करें?
अगर आपको लगता है कि आपका बच्चा सामान्य से बहुत ज़्यादा पसीना बहा रहा है, तो घबराएं नहीं, लेकिन सावधान हो जाएँ। इन बातों पर ध्यान दें:
- क्या बच्चा सिर्फ़ खेलते हुए या हर समय पसीना बहाता है?
- क्या उसे सोते समय या दूध पीते समय ज़्यादा पसीना आता है?
- क्या पसीने के साथ कोई और भी लक्षण हैं, जैसे हांफना, त्वचा का रंग बदलना या बच्चे का सुस्त रहना?
अगर इनमें से कोई भी बात आपको असामान्य लगे, तो तुरंत किसी अच्छे बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) से संपर्क करें। डॉक्टर कुछ ज़रूरी जाँच करके यह पता लगा सकते हैं कि इसके पीछे का असली कारण क्या है। याद रखें, सही समय पर सही सलाह और इलाज आपके बच्चे को किसी भी बड़ी स्वास्थ्य समस्या से बचा सकता है।