भारत में इंडक्शन कुकटॉप की भारी डिमांड, LPG संकट के बीच एक दिन में बिके 1.34 लाख यूनिट्स
News India Live, Digital Desk: देश में रसोई गैस (LPG) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों के बीच भारतीय उपभोक्ताओं का झुकाव अब तेजी से बिजली से चलने वाले इंडक्शन कुकटॉप (Induction Cooktop) की ओर बढ़ रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत में इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जहाँ महज एक दिन में 1.34 लाख यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है।
बिक्री में उछाल के मुख्य कारण
1. LPG की बढ़ती कीमतें और उपलब्धता: घरेलू गैस सिलेंडरों के बढ़ते दाम और कई क्षेत्रों में डिलीवरी में होने वाली देरी ने मिडिल क्लास परिवारों को वैकल्पिक साधनों की तलाश करने पर मजबूर कर दिया है। इंडक्शन कुकटॉप खाना पकाने का एक सस्ता और सुलभ जरिया बनकर उभरा है।
2. बिजली की बचत और दक्षता (Efficiency): इंडक्शन कुकटॉप पारंपरिक गैस चूल्हे की तुलना में अधिक ऊर्जा-कुशल होते हैं। यह सीधे बर्तन को गर्म करता है, जिससे गर्मी का नुकसान कम होता है और खाना जल्दी पकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इंडक्शन पर खाना पकाना गैस के मुकाबले 20-30% सस्ता पड़ता है।
3. सुरक्षा फीचर्स: आधुनिक इंडक्शन कुकटॉप में 'ऑटो-कट ऑफ', 'चाइल्ड लॉक' और 'ओवरहीट प्रोटेक्शन' जैसे फीचर्स होते हैं। इसमें खुली लौ (Open Flame) नहीं होती, जिससे किचन में आग लगने या गैस लीकेज का खतरा शून्य हो जाता है।
मार्केट ट्रेंड: छोटे शहरों में बढ़ी मांग
दिलचस्प बात यह है कि इंडक्शन की यह मांग केवल महानगरों तक सीमित नहीं है। टायर-2 और टायर-3 शहरों में इसकी बिक्री में 45% का इजाफा देखा गया है। विशेष रूप से बैचलर्स, स्टूडेंट्स और कामकाजी पेशेवरों के बीच इसकी पोर्टेबिलिटी (एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की सुविधा) इसे पहली पसंद बना रही है।
इंडक्शन खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
यदि आप भी गैस संकट से बचने के लिए इंडक्शन लेने की सोच रहे हैं, तो इन बिंदुओं पर गौर करें:
वॉट क्षमता (Wattage): जल्दी खाना पकाने के लिए कम से कम 1800W से 2000W का इंडक्शन चुनें।
पैन डिटेक्शन: सुनिश्चित करें कि उसमें ऑटोमैटिक पैन डिटेक्शन फीचर हो, जो बर्तन हटाते ही बिजली बंद कर दे।
प्री-सेट मेन्यू: भारतीय खाना पकाने के लिए 'डोसा', 'करी', 'इडली' और 'मिल्क' जैसे प्री-सेट बटन काफी मददगार होते हैं।
बर्तन: याद रखें कि इंडक्शन पर केवल वही बर्तन काम करते हैं जिनका तल चुंबकीय (Magnetic) होता है, जैसे स्टेनलेस स्टील या कास्ट आयरन।