शादी हो गई? मुबारक हो! अब फटाफट ये एक काम ज़रूर कर लें, वरना बाद में होगी दिक्कत

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How to get marriage certificate : अरे वाह! शादी हो गई? बहुत-बहुत मुबारक हो! अब शादी के बाद जश्न और घूमने-फिरने के साथ-साथ एक बहुत ज़रूरी काम निपटाना होता है - अपनी शादी को सरकारी तौर पर रजिस्टर करवाना। कई लोग इसे मामूली काम समझकर टाल देते हैं, लेकिन बाद में छोटी-छोटी गलतियों की वजह से काफ़ी भाग-दौड़ करनी पड़ती है।

चलिए, आज मैं आपको सरल भाषा में बताता हूँ कि किन बातों का ध्यान रखें, ताकि आपका मैरिज सर्टिफिकेट एक बार में ही बन जाए।

किन कारणों से रुक सकता है आपका मैरिज सर्टिफिकेट?

सरकार ने कुछ नियम बनाए हैं, जिनका पालन करना ही पड़ता है। अगर इनमें से कोई भी एक गड़बड़ हुई, तो आपका आवेदन अटक सकता है।

1. सबसे पहला नियम: उम्र
कानून के हिसाब से, शादी के लिए लड़के की उम्र कम से कम 21 साल और लड़की की उम्र कम से कम 18 साल होनी ही चाहिए। अगर इससे एक दिन भी कम है, तो आपका आवेदन सीधे खारिज हो जाएगा। यह नियम बाल विवाह को रोकने के लिए पूरे देश में बहुत सख्ती से लागू है।

2. दूसरा नियम: दिल से मंज़ूरी
शादी का रजिस्ट्रेशन तभी होता है, जब लड़का और लड़की, दोनों ने अपनी पूरी रज़ामंदी और बिना किसी दबाव के शादी की हो। अगर कोई भी मानसिक रूप से ठीक नहीं है, तो उस शादी को कानूनी मान्यता नहीं मिलती।

3. पिछली शादी (अगर हुई हो तो)
अगर आप में से किसी की यह दूसरी शादी है, तो यह बात गाँठ बाँध लें: कानून के हिसाब से, आप एक समय में एक ही शादी कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए आपको अपनी पहली शादी का रिश्ता ख़त्म होने का सबूत देना होगा, जैसे - तलाक़ के कागज़ (Divorce Papers) या जीवनसाथी का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)

4. ख़ून के रिश्तों में शादी की मनाही
कानून कुछ बहुत नज़दीकी ख़ून के रिश्तों में शादी की इजाज़त नहीं देता, जैसे - भाई-बहन, चाचा-भतीजी, मामा-भांजी, आदि। ऐसी शादियों को रजिस्टर नहीं किया जा सकता।

कागज़-पत्र तैयार रखें (ये लिस्ट बना लें)

आवेदन करने से पहले ये सारे डाक्यूमेंट्स एक फाइल में रख लें:

  • पति-पत्नी दोनों का: आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र (या 10वीं की मार्कशीट)।
  • दोनों की 4-4 पासपोर्ट साइज़ फोटो।
  • शादी की 2 साफ़ फोटो (जिसमें फेरे या जयमाला हो रही हो)।
  • शादी का कार्ड।
  • दो गवाहों के पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड)।

आवेदन कैसे करें?

यह प्रोसेस बहुत आसान है। आप अपने शहर के नगर निगम ऑफिस, तहसील या रजिस्ट्रार ऑफिस जा सकते हैं। आजकल कई राज्यों में ऑनलाइन पोर्टल पर भी यह सुविधा उपलब्ध है।

वहाँ से फॉर्म लेकर भरें, सारे कागज़ लगाएं, और फीस जमा कर दें। आमतौर पर 21 दिनों के अंदर आपका सर्टिफिकेट बन जाता है।

क्यों है यह इतना ज़रूरी? (सर्टिफिकेट के फायदे)

यह सिर्फ़ एक कागज़ का टुकड़ा नहीं, बल्कि आपके रिश्ते का सबसे मज़बूत कानूनी सबूत है। यह कहाँ-कहाँ काम आता है:

  • ज्वाइंट बैंक अकाउंट खुलवाने में।
  • पासपोर्ट या वीज़ा अप्लाई करने में (खासकर जब आप विदेश जा रहे हों)।
  • बीमा (Insurance)  में नॉमिनी बनाने के लिए।
  • किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए।

संक्षेप में, यह एक छोटा सा काम है जो आपके भविष्य को कई कानूनी परेशानियों से बचाता है। इसलिए, समय रहते इसे ज़रूर बनवा लें!