Home Loan EMI Missed: होम लोन की किस्त चूकने पर क्या बैंक छीन लेगा आपका घर? जानिए RBI के नियम और बचने के उपाय

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नई दिल्ली। खुद का घर होना हर इंसान का सपना होता है और इस सपने को पूरा करने में होम लोन सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। लेकिन कई बार नौकरी छूटने, सैलरी में देरी या अचानक मेडिकल इमरजेंसी आ जाने के कारण होम लोन की ईएमआई (EMI) मिस हो जाती है। किस्त बाउंस होते ही मन में सबसे पहला डर यही आता है कि क्या अब बैंक मुझे 'डिफॉल्टर' घोषित कर देगा? क्या मेरा सिबिल स्कोर (CIBIL Score) बर्बाद हो जाएगा या बैंक घर पर कब्जा कर लेगा? अगर आपके मन में भी ये खौफ है, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आइए आपको बताते हैं कि एक ईएमआई मिस होने पर असल में क्या होता है और आपको इससे कैसे निपटना चाहिए।

शुरुआती दिनों में क्या एक्शन लेता है बैंक?

जैसे ही आपके खाते से ईएमआई कटने की तारीख निकल जाती है और पेमेंट नहीं होता है, तो बैंक के सिस्टम में आपका लोन अकाउंट 'ओवरड्यू' (Overdue) मार्क हो जाता है। इसके तुरंत बाद आपको बैंक की तरफ से ऑटोमेटेड एसएमएस और ईमेल अलर्ट आने लगते हैं। कुछ दिनों के भीतर रिकवरी या कलेक्शन टीम का फोन भी आ सकता है। नियम के मुताबिक, बैंक आपसे लेट पेमेंट फीस या दंडात्मक ब्याज (Penal Interest) वसूलता है। वित्तीय जानकारों की सलाह है कि इस दौरान बैंक के फोन कॉल्स को कतई नजरअंदाज न करें। उन्हें अपनी परेशानी साफ-साफ बताएं और भुगतान की अगली तारीख की सटीक जानकारी दें। बैंक सिर्फ यह समझना चाहता है कि यह महज एक भूल है या सच में आपके सामने कोई बड़ा वित्तीय संकट आ गया है।

क्या एक EMI चूकने से CIBIL स्कोर हो जाएगा खराब?

ज्यादातर लोगों में यह भ्रांति है कि एक दिन की देरी से भी क्रेडिट स्कोर धड़ाम से गिर जाएगा। लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं होता है। बैंक आमतौर पर क्रेडिट ब्यूरो (जैसे CIBIL, Experian) को तब तक नेगेटिव रिपोर्ट नहीं भेजते, जब तक कि पेमेंट में 30 दिनों से ज्यादा की देरी न हो जाए। अगर आप उसी महीने के अंत तक पेनाल्टी के साथ अपनी किस्त जमा कर देते हैं, तो आपके सिबिल स्कोर पर कोई खास असर नहीं पड़ता है। एक बार की भूल को बैंक नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हां, अगर आप इसे अपनी आदत बना लेते हैं और बार-बार ईएमआई बाउंस होती है, तो आपका क्रेडिट स्कोर तेजी से गिर सकता है, जिससे भविष्य में नया लोन मिलना मुश्किल हो जाएगा।

क्या बैंक घर पर कब्जा कर लेगा? जानिए RBI का नियम

मध्यमवर्गीय परिवारों में सबसे बड़ा डर घर छिन जाने का होता है। लेकिन आपको बता दें कि केवल एक ईएमआई मिस होने पर कोई भी रिकवरी एजेंट आपके दरवाजे पर नहीं आ सकता और न ही बैंक आपको घर खाली करने का कानूनी नोटिस भेज सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सख्त नियमों के अनुसार, किसी भी होम लोन खाते को तब तक एनपीए (NPA - Non Performing Asset) घोषित नहीं किया जा सकता, जब तक कि लगातार 90 दिनों (तीन महीने) तक किस्त का भुगतान न रुका हो। घर पर कब्जे या नीलामी की नौबत कई महीनों के लगातार डिफॉल्ट और कई लीगल नोटिस मिलने के बाद ही आती है। एक किस्त मिस होने से आपके लोन की ब्याज दरें या शर्तें भी नहीं बदलती हैं।

किस्त बाउंस होने पर तुरंत करें ये काम

अगर आपसे गलती से या मजबूरी में ईएमआई छूट गई है, तो सबसे पहले खुद बैंक ब्रांच या कस्टमर केयर पर फोन करके उन्हें इसकी सूचना दें। कई बार बैंक सर्वर डाउन होने या ऑटो-डेबिट फेल होने जैसी तकनीकी खामी की वजह से भी किस्त रुक जाती है, सबसे पहले उसे चेक करें। आपकी ईमानदारी और संवाद बैंक के साथ आपके भरोसे को मजबूत करता है। जल्द से जल्द पैसों का इंतजाम करें और लेट फीस के साथ अपनी ईएमआई क्लियर कर लें। याद रखें, एक किस्त का चूकना कोई अपराध नहीं बल्कि एक वित्तीय चेतावनी है। समय रहते इसे सुधार लेने में ही समझदारी है।