Holi 2026 : भारत के इन गांवों में फैला रहता है सन्नाटा होली खेलने पर क्यों लगता है डर? रोंगटे खड़े कर देगी वजह

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News India Live, Digital Desk: देशभर में जब रंगों का त्योहार होली मनाया जाता है, तो हर तरफ गुलाल और खुशियों की गूँज होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे देश में कुछ ऐसे 'शापित' या रहस्यमयी गांव भी हैं, जहाँ दशकों से होली नहीं खेली गई? इन गांवों में होली के दिन लोग खुशियाँ मनाने के बजाय घरों में दुबक जाते हैं। कहीं पौराणिक श्राप का डर है, तो कहीं कोई दुखद इतिहास। आइए जानते हैं भारत के उन अभागे गांवों के बारे में जहाँ रंगों पर 'पाबंदी' है।

1. उत्तराखंड के इन गांवों में माँ त्रिपुर सुंदरी की 'खामोशी' है सर्वोपरि

देवभूमि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के खुरजान और क्विली गांव में पिछले 150 सालों से होली का हुड़दंग नहीं हुआ है। यहाँ के ग्रामीणों की अपनी आराध्य देवी माँ त्रिपुर सुंदरी के प्रति अटूट आस्था है।

वजह: माना जाता है कि देवी माँ को शोर-शराबा पसंद नहीं है। ग्रामीणों का डर है कि अगर उन्होंने रंगों का शोर मचाया, तो देवी रुष्ट हो जाएंगी और गांव पर प्राकृतिक आपदा आ जाएगी।

2. हरियाणा का वो गांव जहाँ एक साधु के 'श्राप' ने छीने रंग

हरियाणा के कैथल जिले में स्थित दुसेरपुर गांव की कहानी काफी डरावनी है। यहाँ के लोग होली का नाम सुनकर भी सहम जाते हैं।

वजह: कहा जाता है कि सदियों पहले होली के दिन गांव के कुछ लोगों ने एक तपस्वी साधु का मजाक उड़ाया और उन्हें प्रताड़ित किया। मरते समय साधु ने श्राप दिया कि इस गांव में कभी खुशियों के रंग नहीं बिखरेंगे। तब से आज तक यहाँ होली नहीं मनाई गई।

3. झारखंड का दुर्गापुर: जहाँ राजा के बेटे की मौत ने बदली तकदीर

झारखंड के बोकारो जिले का दुर्गापुर गांव एक ऐतिहासिक त्रासदी का गवाह है। यहाँ होली का त्योहार मातम में बदल गया था।

वजह: लगभग 100 साल पहले, होली के दिन ही यहाँ के राजा के इकलौते बेटे की असामयिक मृत्यु हो गई थी। संयोग से अगले साल ठीक उसी दिन राजा ने भी प्राण त्याग दिए। तब से गांव वालों ने इसे 'अशुभ दिन' मानकर रंगों से तौबा कर ली।

4. गुजरात का रामसन: जब 'होलिका दहन' बना आग का तांडव

गुजरात के बनासकांठा जिले में बसा रामसन गांव करीब 200 सालों से होली की अग्नि नहीं जलाता।

वजह: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ कभी होलिका दहन के दौरान पूरे गांव में भीषण आग लग गई थी, जिसमें सब कुछ स्वाहा हो गया था। इसे ईश्वर का क्रोध मानकर आज भी यहाँ के लोग न तो लकड़ियाँ जलाते हैं और न ही गुलाल उड़ाते हैं।

होली 2026 की सही तारीख और शुभ मुहूर्त

अगर आप इन गांवों में नहीं रहते, तो आपके लिए जानना जरूरी है कि इस साल होली कब है:

होलिका दहन: 3 मार्च 2026 (मंगलवार)

धुलेंडी (रंगों वाली होली): 4 मार्च 2026 (बुधवार)

सावधानी: इस साल होली पर चंद्र ग्रहण का साया भी है, इसलिए सूतक काल का विशेष ध्यान रखें।