भारतीय रेलवे ने यात्रियों को एक और बड़ी खुशखबरी दी है। कटरा और श्रीनगर के बीच पहली बार 22 बोगियों वाली रेलगाड़ी का सफल परीक्षण किया गया है। यह ट्रायल रन कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने की ऐतिहासिक परियोजना का हिस्सा है। अधिकारियों ने रविवार को इसकी पुष्टि की और बताया कि इस ट्रायल के साथ कश्मीर को रेल नेटवर्क से जोड़ने का सपना अब पूरा होने के करीब है।
कटरा-श्रीनगर ट्रायल रन: पहली बड़ी सफलता
यह ट्रायल कटरा रेलवे स्टेशन से सुबह करीब आठ बजे शुरू हुआ और चार घंटे के भीतर श्रीनगर पहुंचकर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस ट्रेन में 18 एसी कोच, सामान ढोने वाली 2 बोगियां और दो इंजन शामिल थे। यह पहला मौका था जब कटरा और श्रीनगर के बीच इस रेल मार्ग पर किसी ट्रेन ने सफर तय किया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रायल रन पूरी तरह से सफल रहा और इस दौरान कोई समस्या नहीं आई।
1997 में शुरू हुआ था कश्मीर रेल लिंक का सपना
कश्मीर को रेल मार्ग से जोड़ने की योजना 1997 में शुरू की गई थी। हालांकि, भूवैज्ञानिक, स्थलाकृतिक और मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण इसे पूरा करने में बार-बार देरी हुई। अब 272 किलोमीटर लंबी उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लाइन (USBRL) का काम पूरा हो चुका है।
- यूएसबीआरएल परियोजना की खासियतें:
- 41,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार।
- कुल 326 किलोमीटर लंबा ट्रैक।
- 111 किलोमीटर हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरता है।
- इसी रूट पर स्थित है दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल, जो चिनाब नदी पर बना है।
यात्रा 26 जनवरी से हो सकती है शुरू
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ट्रायल के सफल होने के बाद 26 जनवरी से इस रूट पर औपचारिक रूप से ट्रेन संचालन शुरू किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत तक दिल्ली-श्रीनगर ट्रेन का उद्घाटन कर सकते हैं। यह जम्मू-कश्मीर के लिए एक ऐतिहासिक पल होगा, जो न केवल क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करेगा, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा देगा।
जम्मू तवी रेलवे स्टेशन का हो रहा पुनर्विकास
जम्मू-कश्मीर के जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पर आधुनिक सुविधाओं के विकास का काम तेजी से चल रहा है। इस पुनर्विकास योजना के तहत:
- प्लेटफार्मों की संख्या तीन से बढ़ाकर सात की जाएगी।
- आधुनिक संरचनाओं के साथ स्टेशन का उन्नयन किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जनवरी को जम्मू रेल मंडल का डिजिटल रूप से उद्घाटन किया था और रेलवे के आधुनिकीकरण के चार प्रमुख पहलुओं—सुविधाएं, संपर्क, रोजगार और संरचना—पर ध्यान देने की बात कही थी।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
नई ट्रेन सेवा जम्मू-कश्मीर में पर्यटन उद्योग को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी। इसके अलावा, व्यापार गतिविधियों को भी गति मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।