हिन्दू-मुस्लिम सब एक साथ दुआ कर रहे थे, बृजभूषण ने बताई इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान हेलीकॉप्टर के अंदर की अनसुनी कहानी।

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News India Live, Digital Desk : भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने एक ऐसी घटना का जिक्र किया है जिसने हर सुनने वाले के रोंगटे खड़े कर दिए। उन्होंने उस खौफनाक पल की कहानी सुनाई जब उनका हेलीकॉप्टर हवा में खराब हो गया था और उसकी इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। उस मंजर को याद करते हुए बृजभूषण ने बताया कि कैसे हेलीकॉप्टर में बैठे सभी लोग मौत को सामने देखकर ऊपर वाले को याद कर रहे थे।

"ईंधन खत्म हो रहा था, लग रहा था अब नहीं बचेंगे"

गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बृजभूषण शरण सिंह उस दिन को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि वह बिहार के मुजफ्फरपुर और छपरा में प्रधानमंत्री मोदी की रैलियों के लिए जा रहे थे। रास्ते में ही उनके हेलीकॉप्टर का इंजन खराब हो गया और ईंधन तेजी से लीक होने लगा।

बृजभूषण ने कहा, "पायलट ने मुझसे कहा कि इंजन में खराबी आ गई है और अब इसे कहीं उतारना पड़ेगा। हम सब डर गए थे। हेलीकॉप्टर में मेरे साथ एक मुस्लिम परिवार भी बैठा था। एक छोटी मुस्लिम बच्ची थी, जो डरी हुई अल्लाह-अल्लाह का नाम रट रही थी और उसकी मां उसे चुप करा रही थी।"

उन्होंने आगे बताया, "मैंने उस बच्ची की मां से कहा कि इसे अल्लाह का नाम लेने दो, क्योंकि अब तो सब कुछ ऊपर वाले के ही हाथ में है।"

खेत में करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

सांसद ने बताया कि पायलट ने बड़ी सूझबूझ दिखाई और एक खाली खेत देखकर हेलीकॉप्टर को उतारने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि वह लैंडिंग का पल बेहद डरावना था। हेलीकॉप्टर बुरी तरह से हिल रहा था और ऐसा लग रहा था कि अब कुछ नहीं बचेगा। लेकिन सबकी दुआएं काम आईं और हेलीकॉप्टर की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग हो गई।

नीचे उतरने पर पता चला कि अगर कुछ मिनट और हेलीकॉप्टर हवा में रहता, तो उसका सारा ईंधन खत्म हो जाता और एक बड़ा हादसा हो सकता था।

बृजभूषण ने कहा कि उस मुश्किल घड़ी में हेलीकॉप्टर में मौजूद हर शख्स, चाहे वह किसी भी धर्म का हो, बस अपने-अपने भगवान को याद कर रहा था। यह घटना बताती है कि जब संकट आता है, तो इंसानियत और आस्था ही सबसे ऊपर होती है। बाद में, उन्होंने सड़क मार्ग से अपना आगे का सफर पूरा किया।