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March 18 2026 10:40 am

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में हाईटेक हाजिरी,अब चेहरे से लगेगी हाजिरी, शिक्षकों और छात्रों की मनमानी पर लगेगी लगाम

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News India Live, Digital Desk : शिक्षा विभाग राजस्थान के सरकारी स्कूलों में डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देने के लिए फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) शुरू करने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना और 'डमी' शिक्षकों या फर्जी हाजिरी की शिकायतों को खत्म करना है।

1. कैसे काम करेगा यह सिस्टम?

मोबाइल ऐप आधारित: शिक्षकों को अपने मोबाइल में विभाग द्वारा निर्धारित एक विशेष ऐप डाउनलोड करना होगा। स्कूल पहुँचने पर उन्हें ऐप के जरिए अपना चेहरा स्कैन करना होगा।

जियो-फेंसिंग (Geo-fencing): यह सिस्टम जियो-फेंसिंग तकनीक से लैस होगा, जिसका मतलब है कि शिक्षक केवल स्कूल परिसर के निर्धारित दायरे (जैसे 100-200 मीटर) के भीतर ही अपनी हाजिरी दर्ज कर सकेंगे। इससे घर बैठे हाजिरी लगाने की संभावना खत्म हो जाएगी।

रीयल-टाइम डेटा: हाजिरी लगते ही डेटा सीधे शिक्षा विभाग के सर्वर और शाला दर्पण पोर्टल पर अपडेट हो जाएगा।

2. इस नई व्यवस्था की जरूरत क्यों?

शिक्षकों की लेटलतीफी: कई ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों से शिक्षकों के देरी से आने या अनुपस्थित रहने की शिकायतें मिलती रहती हैं।

पारदर्शिता: वर्तमान में चल रही ऑनलाइन अटेंडेंस में भी कई बार गड़बड़ियां देखने को मिलती थीं, जिसे यह बायोमेट्रिक (चेहरा) आधारित तकनीक पूरी तरह सुरक्षित बना देगी।

छात्रों की ट्रैकिंग: शिक्षकों के बाद, दूसरे चरण में इसे छात्रों के लिए भी अनिवार्य किया जा सकता है, जिससे उनके ड्रॉप-आउट रेट को ट्रैक करना आसान होगा।

3. बजट और कार्यान्वयन (Implementation)

पायलट प्रोजेक्ट: शुरुआत में इसे प्रदेश के कुछ चुनिंदा बड़े स्कूलों या जिला मुख्यालयों के स्कूलों में 'पायलट प्रोजेक्ट' के तौर पर शुरू किया जाएगा।

विस्तार: इसके सफल रहने पर आगामी सत्र (2026-27) से इसे राज्य के सभी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लागू करने की योजना है।

4. शिक्षकों का मिला-जुला रुख

इस फैसले पर शिक्षक संगठनों की मिली-जुली प्रतिक्रिया आ रही है। कुछ इसे नवाचार बता रहे हैं, तो कुछ शिक्षक संगठनों का कहना है कि दूर-दराज के इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या के कारण इस सिस्टम को लागू करने में व्यवहारिक कठिनाइयां आ सकती हैं।