हेमंत सोरेन का युवाओं के लिए बड़ा प्लान ,स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप के जरिए रोजगार की नई राह
News India Live, Digital Desk : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के युवाओं के लिए एक व्यापक विकास रोडमैप पेश किया है। सरकार का मुख्य ध्यान केवल पारंपरिक शिक्षा पर नहीं, बल्कि स्किल डेवलपमेंट (Skill Development) और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने पर है, ताकि राज्य के युवा स्वावलंबी बन सकें।
इस योजना के तहत मुख्यमंत्री ने 'सीएम डैशबोर्ड 2.0' (CM Dashboard 2.0) और कई नई योजनाओं का शुभारंभ किया है, जिससे सरकारी योजनाओं की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी।
युवाओं और स्टार्टअप के लिए मुख्य योजनाएं (2026)
मुख्यमंत्री ने बजट सत्र के दौरान और हालिया समीक्षा बैठकों में युवाओं के लिए कई बड़े वादे और नीतियां पेश की हैं:
मुख्यमंत्री सारथी योजना (MMSY): इसके तहत युवाओं को मुफ्त कौशल प्रशिक्षण (Skill Training) दिया जा रहा है। यदि प्रशिक्षण के 3 महीने बाद भी रोजगार नहीं मिलता, तो लड़कों को ₹1,000 और लड़कियों/दिव्यांगों/ट्रांसजेंडर को ₹1,500 प्रति माह का 'रोजगार प्रोत्साहन भत्ता' दिया जा रहा है।
गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड: उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के लिए छात्रों को ₹15 लाख तक का लोन बहुत ही मामूली ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
मैय्या उद्यमी योजना: महिलाओं को उद्यमिता (Entrepreneurship) से जोड़ने के लिए सूक्ष्म उद्यम शुरू करने पर ₹5 करोड़ तक का कैपिटल इंसेंटिव देने की योजना है।
स्टार्टअप और एमएसएमई (MSME): सरकार ने छोटे उद्योगों को 'विकास का इंजन' माना है। इसके लिए नई औद्योगिक पार्कों की नीति और परिवहन-लॉजिस्टिक्स हब बनाने की तैयारी है, ताकि स्थानीय स्टार्टअप्स को इंफ्रास्ट्रक्चर मिल सके।
डिजिटल निगरानी: सीएम डैशबोर्ड 2.0
सरकार ने योजनाओं में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए इंटीग्रेटेड-सीएम डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डैशबोर्ड 2.0) लागू किया है।
उद्देश्य: कौशल विकास मिशन और अन्य स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति पर सीधी नजर रखना।
फायदा: इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और लाभ सीधे युवाओं तक पहुंचेगा।
वैश्विक अवसर: नॉलेज कॉरिडोर और स्कॉलरशिप
मरांग गोमके ओवरसीज स्कॉलरशिप: इसका दायरा बढ़ाते हुए अब वंचित समुदायों के 50 युवाओं को ब्रिटेन (UK) के 30 संस्थानों में मास्टर डिग्री के लिए पूर्ण छात्रवृत्ति दी जा रही है।
नॉलेज कॉरिडोर: झारखंड सरकार ब्रिटेन के साथ मिलकर एक 'नॉलेज कॉरिडोर' विकसित कर रही है, जिससे राज्य के तकनीकी छात्रों को वैश्विक स्तर की ट्रेनिंग मिलेगी।
उद्योगों के साथ तालमेल (MOU)
झारखंड सरकार ने हाल ही में विश्व आर्थिक मंच (WEF) और अन्य मंचों पर इन्फोसिस, लुलु ग्रुप और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन जैसी संस्थाओं के साथ चर्चा की है। इनका उद्देश्य राज्य में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' बनाना है, जहां युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लीन एनर्जी जैसे भविष्य के क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जा सके।