जयपुर-अलवर में झमाझम बारिश, बीसलपुर बांध के दो गेट खोले गए, राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज
News India Live, Digital Desk : राजस्थान में जहां एक ओर गुलाबी ठंड ने दस्तक देना शुरू ही किया था, वहीं अचानक मौसम ने ऐसी करवट ली है कि कई जिलों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। गुरुवार सुबह से ही राजधानी जयपुर और अलवर सहित कई पूर्वी राजस्थानी इलाकों में बादल छाए रहे और झमाझम बारिश हुई। इस बेमौसम बारिश ने न केवल तापमान में गिरावट ला दी है, बल्कि किसानों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।
5 साल बाद अक्टूबर में लबालब हुआ बीसलपुर, 2 गेट खोले
इस बारिश का सबसे बड़ा असर प्रदेश की लाइफलाइन कहे जाने वाले बीसलपुर बांध पर देखने को मिला है। बांध के कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही अच्छी बारिश के चलते इसमें पानी की भारी आवक हुई है, जिसके बाद गुरुवार सुबह बांध के दो गेट खोलने पड़े। यह पिछले पांच सालों में पहली बार है जब अक्टूबर के महीने में बांध के गेट खोलने की नौबत आई है।
गेट खोलने से बनास नदी में पानी छोड़ा गया है, जिसके चलते टोंक जिले और आसपास के निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। यह जयपुर, अजमेर और टोंक के लिए अच्छी खबर है कि अगले साल गर्मियों में पीने के पानी की किल्लत नहीं होगी, लेकिन किसानों के लिए यह चिंता का विषय भी है।
क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम विभाग के अनुसार, इस बेमौसम बारिश की मुख्य वजह एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है, जो सक्रिय हुआ है। इसी के असर से अरब सागर से नमी वाली हवाएं राजस्थान की ओर आ रही हैं, जिससे पूर्वी राजस्थान के मौसम में यह बदलाव आया है।
अगले 48 घंटे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए पूर्वी राजस्थान के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
- भारी बारिश की चेतावनी: जयपुर, अलवर, दौसा, सीकर, झुंझुनूं, भरतपुर और धौलपुर जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है।
- कोहरे का अलर्ट: बारिश के बाद सुबह के समय कई इलाकों में घना कोहरा छा सकता है, जिससे विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम हो जाएगी। वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
- तापमान में गिरावट: दिन और रात के तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड का असर और बढ़ेगा।
इस बारिश से जहां एक तरफ सूखी पड़ी फसलों को जीवनदान मिला है और भूजल स्तर सुधरेगा, वहीं दूसरी तरफ कटाई के लिए तैयार खड़ी बाजरा और अन्य खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है।