राजस्थान में गर्मी का तांडव, बाड़मेर में पारा 42.8°C पार, फलोदी में सीजन की सबसे गर्म रात
News India Live, Digital Desk: राजस्थान में सूर्यदेव ने अपनी तपिश बढ़ा दी है। मरुधरा के कई हिस्सों में गर्मी अब जानलेवा होने लगी है। बुधवार को राज्य के 10 शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में हल्की हीटवेव (लू) ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह के लिए 'येलो अलर्ट' जारी करते हुए तापमान में और बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं।
तापमान का गणित: कहाँ कितनी गर्मी?
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | स्थिति |
|---|---|---|
| बाड़मेर | 42.8°C | राज्य का सबसे गर्म शहर |
| फलोदी | 41.5°C | सबसे गर्म रात (न्यूनतम 29.2°C) |
| जैसलमेर | 41.2°C | हल्की लू का प्रभाव |
| जोधपुर/बीकानेर | 40.5°C | तीखी धूप और गर्म हवाएं |
| जयपुर | 38.5°C | सीजन की सबसे गर्म रात दर्ज |
प्रमुख अपडेट्स:
दिन के साथ रातें भी गर्म: फलोदी में न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री दर्ज किया गया, जिसने रात की तपिश का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जयपुर समेत कई शहरों में रात का तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक चल रहा है।
सड़कों पर सन्नाटा: बाड़मेर और जैसलमेर जैसे रेतीले इलाकों में दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक कर्फ्यू जैसा माहौल नजर आ रहा है। तेज लू के कारण लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
अगले 7 दिनों का पूर्वानुमान: मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, आने वाले एक सप्ताह में तापमान 2 से 3 डिग्री और बढ़ सकता है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में पारा 44 से 45 डिग्री तक पहुंचने की आशंका है।
स्वास्थ्य सलाह: लू से कैसे बचें?
भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं:
हाइड्रेशन: प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल में पानी, छाछ, नींबू पानी और ओआरएस (ORS) का सेवन करें।
पीक आवर्स से बचें: दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें।
पहनावा: हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और बाहर निकलते समय सिर को तौलिये या टोपी से ढंकें।
लक्षणों पर ध्यान दें: चक्कर आना, अत्यधिक सिरदर्द या उल्टी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
आगामी चुनौती: पचपदरा रैली और गर्मी
21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बाड़मेर के पचपदरा में बड़ी जनसभा प्रस्तावित है। बाड़मेर में बढ़ते तापमान (42.8°C) को देखते हुए प्रशासन और आयोजकों के लिए भीड़ को धूप और गर्मी से बचाना एक बड़ी चुनौती साबित होने वाला है।