सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एक व्यवसायिक विवाद से जुड़ी सुनवाई के दौरान वकील द्वारा सुनवाई स्थगित करने की मांग पर न्यायाधीशों ने कड़ा रुख अपनाया। वकील ने दलील दी कि वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे इस मामले में आगे बहस करेंगे, लेकिन फिलहाल वह विदेश में हैं। इस पर अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए स्पष्ट किया कि सिर्फ किसी बड़े वकील का नाम लेने से सुनवाई टाली नहीं जाएगी।
अदालत की सख्त टिप्पणी
न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुइंया की पीठ ने सुनवाई के दौरान वकील की मांग पर असहमति जताते हुए कहा, “क्या आपको लगता है कि हम सिर्फ इसलिए सुनवाई स्थगित कर देंगे क्योंकि आपने एक वरिष्ठ वकील का नाम लिया है? वकीलों को यह आदत छोड़नी होगी।” उन्होंने आगे कहा कि अदालत इस सोच को खत्म करना चाहती है और यह परंपरा स्वीकार्य नहीं होगी।
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हालांकि, बाद में पीठ ने वकील की अपील स्वीकार कर ली और सुनवाई स्थगित कर दी। गौरतलब है कि हरीश साल्वे देश के प्रतिष्ठित वकीलों में गिने जाते हैं और कई हाई-प्रोफाइल मामलों से जुड़े रहे हैं।
पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी नाराजगी
यह पहला मौका नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों को फटकार लगाई हो। इससे पहले, जनवरी में भी एक वकील को अदालत की गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी गई थी, जब वह अपनी कार से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में शामिल हुए थे। अदालत ने इस व्यवहार को अनुचित बताते हुए स्पष्ट निर्देश दिया था कि अदालती कार्यवाही को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।