गलत स्लीपिंग पोजीशन बिगाड़ सकती है आपकी सेहत: जानें बाईं करवट, दाईं करवट या पीठ के बल सोना आपके दिल
दिनभर की भागदौड़ और मानसिक थकान के बाद शरीर को तरोताजा करने के लिए एक अच्छी और सुकून भरी नींद बेहद जरूरी होती है। लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया है कि जिस स्थिति यानी पोजीशन में आप सोते हैं, उसका आपके स्वास्थ्य पर कितना गहरा प्रभाव पड़ता है? अक्सर लोग इस बात को नजरअंदाज कर देते हैं कि रात भर वे किस तरह सो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नींद के डॉक्टरों का मानना है कि गलत स्लीपिंग पोजीशन न केवल आपकी नींद की गुणवत्ता को खराब कर सकती है, बल्कि इसके कारण गर्दन में दर्द, पीठ दर्द, एसिड रिफ्लक्स, पाचन की समस्याएं और सांस लेने में तकलीफ जैसी कई गंभीर बीमारियां भी जन्म ले सकती हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि कौन सी स्लीपिंग पोजीशन आपके शरीर और सेहत के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है।
पीठ के बल सोना यानी सुपाइन पोजीशन के फायदे और नुकसान
पीठ के बल सीधे सोना स्वास्थ्य की दृष्टि से कई मायनों में बेहद फायदेमंद माना जाता है। जब आप पीठ के बल सोते हैं, तो आपके शरीर का वजन पूरी तरह से बराबर बंट जाता है। इससे आपकी रीढ़ की हड्डी, गर्दन और जोड़ों पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और वे अपनी प्राकृतिक स्थिति में बने रहते हैं। जो लोग गर्दन दर्द या रीढ़ की हड्डी की समस्या से परेशान रहते हैं, उनके लिए यह पोजीशन काफी राहत देने वाली साबित होती है। इसके अलावा, त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार पीठ के बल सोने से चेहरे पर तकिये का दबाव नहीं पड़ता, जिससे चेहरे पर असमय झुर्रियां नहीं पड़तीं और मुहासे होने का खतरा भी कम रहता है।
हालांकि, पीठ के बल सोने के कुछ नुकसान भी हैं। जो लोग खर्राटे लेते हैं या जिन्हें स्लीप एप्निया जैसी सांस संबंधी बीमारी है, उनके लिए सीधे सोना स्थिति को और अधिक बिगाड़ सकता है। पीठ के बल सोते समय जीभ और गले की मांसपेशियां पीछे की तरफ झुक जाती हैं, जिससे वायुमार्ग में रुकावट पैदा होती है और खर्राटे तेजी से आने लगते हैं।
बाईं करवट लेकर सोने के अद्भुत स्वास्थ्य लाभ
आयुर्वेद और आधुनिक एलोपैथिक चिकित्सा दोनों ही बाईं करवट सोने को सेहत के लिए सबसे उत्तम मानती हैं। जब आप बाईं करवट सोते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण बल आपके पाचन तंत्र को सुचारू रूप से काम करने में मदद करता है। इस स्थिति में भोजन आसानी से छोटी आंत से बड़ी आंत में चला जाता है, जिससे सुबह पेट साफ होने में कोई परेशानी नहीं होती। एसिडिटी और सीने में जलन से पीड़ित लोगों के लिए बाईं करवट सोना एक रामबाण इलाज की तरह काम करता है, क्योंकि इस पोजीशन में पेट का एसिड ऊपर एब्डोमेन की ओर नहीं आता।
इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर हमेशा बाईं करवट सोने की सलाह देते हैं। ऐसा करने से गर्भाशय पर दबाव नहीं पड़ता और भ्रूण, किडनियों व दिल तक रक्त का प्रवाह बहुत ही सहजता से होता है। दिल की सेहत के लिए भी बाईं करवट सोना काफी फायदेमंद माना गया है, क्योंकि यह लिम्फैटिक ड्रेनेज को बढ़ावा देता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।
दाईं करवट सोने के प्रभाव और पेट के बल सोने के खतरे
दाईं करवट सोकर नींद पूरी करना भी एक सामान्य तरीका है, लेकिन यह हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद नहीं होता। हालांकि, दाईं करवट सोने से दिल पर दबाव थोड़ा कम महसूस हो सकता है, लेकिन जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं या एसिड रिफ्लक्स की बीमारी है, उनके लिए दाईं करवट सोना नुकसानदायक हो सकता है। दाईं करवट सोने से पेट का एसिड भोजन नलिका में वापस आ सकता है, जिससे सीने में जलन और खट्टी डकारें बढ़ सकती हैं।
दूसरी ओर, पेट के बल सोना यानी प्रोन पोजीशन को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सबसे खराब स्लीपिंग पोजीशन मानते हैं। पेट के बल सोने से आपकी रीढ़ की हड्डी का प्राकृतिक झुकाव खत्म हो जाता है और उस पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। इसके साथ ही, सांस लेने के लिए आपको अपनी गर्दन को घंटों तक एक तरफ मोड़कर रखना पड़ता है, जिससे गर्दन, कंधों और पीठ के निचले हिस्से में तेज दर्द की समस्या हो सकती है। पेट के बल सोने से आंतरिक अंगों पर भी अनावश्यक दबाव पड़ता है, जिससे पाचन क्रिया प्रभावित होती है।
आपके लिए कौन सी स्लीपिंग पोजीशन है सबसे बेहतर?
प्रत्येक व्यक्ति का शरीर और उसकी शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी एक स्लीपिंग पोजीशन को सभी के लिए पूरी तरह सही नहीं ठहराया जा सकता। यदि आप पूरी तरह स्वस्थ हैं और आपको खर्राटों की समस्या नहीं है, तो पीठ के बल या बाईं करवट सोना आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है। यदि आप पाचन की समस्या, एसिडिटी या खर्राटों से परेशान हैं, तो बाईं करवट सोकर नींद लें। वहीं अगर आपको स्लीप एप्निया या एसिडिटी की शिकायत है, तो पेट के बल या पूरी तरह सीधे सोने से बचें। अपनी जरूरत और सहूलियत के अनुसार सही तकिये और गद्दे का चुनाव करके आप अपनी स्लीपिंग पोजीशन को और भी बेहतर बना सकते हैं।