Travel Smart: सफर में फोन चलाने पर आती है उल्टी? फोन का यह 'Motion Cues' फीचर मिनटों में दूर करेगा चक्कर और मतली; ऐसे करें ऑन

Travel Smart: सफर में फोन चलाने पर आती है उल्टी? फोन का यह 'Motion Cues' फीचर मिनटों में दूर करेगा चक्कर और मतली; ऐसे करें ऑन

सफर के दौरान कार, बस, कैब या ट्रेन में बैठकर स्मार्टफोन पर कोई जरूरी ईमेल पढ़ना, सोशल मीडिया स्क्रॉल करना या वीडियो देखना कई लोगों के लिए एक बुरे सपने जैसा साबित होता है। स्क्रीन पर नजर टिकते ही कुछ ही मिनटों के भीतर अचानक सिर चकराना, बेचैनी होना, पसीना छूटना और जी मिचलाना (Nausea) शुरू हो जाता है। कई बार स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि तुरंत उल्टी आने लगती है और पूरा सफर असहज बन जाता है। आम बोलचाल में इसे 'मोशन सिकनेस' (Motion Sickness) या 'कार सिकनेस' कहा जाता है। अक्सर लोग इससे बचने के लिए सफर में फोन का इस्तेमाल बंद कर देते हैं या दवाइयों का सहारा लेते हैं। हालांकि, अब आधुनिक स्मार्टफोन टेक्नोलॉजी ने इस शारीरिक परेशानी का एक बेहद वैज्ञानिक और सटीक डिजिटल समाधान निकाल लिया है, जिसे 'मोशन क्यूज' (Motion Cues / Vehicle Motion Cues) कहा जाता है।

सफर में फोन देखने पर उल्टी और चक्कर क्यों आते हैं: समझें विज्ञान

मोशन सिकनेस कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह हमारे दिमाग को मिलने वाले विरोधाभासी संकेतों (Sensory Conflict) का परिणाम है। जब आप किसी चलती हुई गाड़ी में बैठे होते हैं, तो आपके आंतरिक कान (Inner Ear) का वेस्टिबुलर सिस्टम और शरीर की मांसपेशियां यह महसूस करती हैं कि आप तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं।

इसके ठीक विपरीत, जब आपकी आंखें फोन की स्थिर (Static) स्क्रीन पर टिकी होती हैं, तो आंखें दिमाग को संदेश भेजती हैं कि आप पूरी तरह शांत और स्थिर बैठे हैं। कानों से मिलने वाले 'गति' के सिग्नल और आंखों से मिलने वाले 'स्थिरता' के सिग्नल के बीच दिमाग उलझन में पड़ जाता है। इस मिसमैच को दिमाग किसी न्यूरोटॉक्सिन या विषैले प्रभाव के रूप में समझ लेता है, जिसके प्रतिक्रियास्वरूप शरीर में उल्टी, मतली और सिरदर्द के लक्षण उभर आते हैं।

'मोशन क्यूज' (Motion Cues) फीचर कैसे करता है जादू जैसा काम?

इस न्यूरोलॉजिकल कन्फ्लिक्ट को खत्म करने के लिए स्मार्टफोन कंपनियों ने 'मोशन क्यूज' फीचर विकसित किया है। यह फीचर फोन के इन-बिल्ट सेंसर्स (जैसे एक्सेलेरोमीटर और जायरोस्कोप) का उपयोग करता है:

  • स्क्रीन पर तैरते एनिमेटेड डॉट्स: जैसे ही यह फीचर ऑन होता है, स्क्रीन के किनारों पर हल्के, पारदर्शी छोटे-छोटे एनिमेटेड बिंदु (Floating Dots) दिखाई देने लगते हैं।

  • गाड़ी की चाल के साथ तालमेल: जब कार दाएं मुड़ती है, तो ये डॉट्स स्क्रीन पर बाईं ओर खिसकते हैं; जब गाड़ी ब्रेक लगाती है, तो डॉट्स आगे की ओर गति करते हैं।

  • दिमाग की उलझन का खात्मा: फोन का मुख्य कंटेंट पढ़ते समय भी आंखों की परिधीय दृष्टि (Peripheral Vision) इन हिलते हुए डॉट्स को देख लेती है। इससे आंख और कान दोनों एक ही गति को महसूस करते हैं। दिमाग को मिलने वाला सिग्नल कन्फ्लिक्ट तुरंत खत्म हो जाता है और स्क्रीन पर पढ़ते हुए भी कभी उल्टी या चक्कर का अहसास नहीं होता।

iPhone में 'Vehicle Motion Cues' कैसे ऑन करें: स्टेप-बाय-स्टेप

ऐपल ने आईओएस (iOS 18 व उससे आगे के अपडेट्स) में यह फीचर सीधे सेटिंग्स में शामिल किया है:

  • सबसे पहले अपने आईफोन की Settings में जाएं।

  • नीचे स्क्रॉल करके Accessibility (एक्सेसिबिलिटी) विकल्प पर टैप करें।

  • 'Vision' सेक्शन के तहत Motion (मोशन) वाले विकल्प को चुनें।

  • यहां आपको Vehicle Motion Cues का विकल्प दिखेगा, उस पर क्लिक करें।

  • इसे 'On' कर दें, या फिर 'Automatic' चुन लें। ऑटोमैटिक चुनने पर फोन के सेंसर्स जैसे ही पहचानेंगे कि आप किसी चलती गाड़ी में हैं, यह फीचर अपने आप एक्टिवेट हो जाएगा और गाड़ी रुकते ही बंद हो जाएगा।

  • आप चाहें तो इसे अपने Control Center में भी शॉर्टकट के रूप में जोड़ सकते हैं ताकि सफर शुरू होते ही एक स्वाइप में इसे चालू किया जा सके।

Android फोन में कैसे चालू करें यह लाइफ-सेविंग फीचर?

गूगल ने भी एंड्रॉयड यूजर्स के लिए 'Motion Cues' फीचर को अपडेट्स के जरिए उपलब्ध कराना शुरू किया है। यदि आपके एंड्रॉयड फोन की सेटिंग्स में यह सीधे उपलब्ध नहीं है, तो आप इसे इस तरह इस्तेमाल कर सकते हैं:

  • सिस्टम सेटिंग्स से जांचें: अपने फोन की Settings में जाएं, फिर Accessibility में जाकर Display & Motion या 'Motion Cues' सर्च करें और इसे ऑन करें।

  • गूगल प्ले स्टोर का इस्तेमाल: जिन एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में यह इन-बिल्ट नहीं है, वे प्ले स्टोर से आधिकारिक व सुरक्षित टूल्स जैसे KineStop (Motion Sickness Aid) ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। यह ऐप ठीक उसी तकनीक पर काम करता है और स्क्रीन पर सेंसर्स के आधार पर एनिमेटेड हॉरिजॉन्टल आर्टिफिशल लाइन या डॉट्स ड्रॉ करता है, जिससे मोशन सिकनेस तुरंत रुक जाती है।

सफर के दौरान मोशन सिकनेस से बचने के कुछ अन्य स्मार्ट टिप्स

फोन के इस फीचर को ऑन करने के अलावा सफर के दौरान कुछ बुनियादी आदतों का ध्यान रखने से यात्रा और अधिक सुखद बन जाती है:

  • कार की अगली सीट चुनें: सफर में हमेशा ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठने की कोशिश करें, जहां से सामने की सड़क और क्षितिज (Horizon) साफ दिखता हो।

  • विंडो स्क्रीन से ताजी हवा लें: एसी की बंद हवा के बजाय थोड़ी देर के लिए खिड़की का शीशा खोलकर ताजी प्राकृतिक हवा लें।

  • हल्का खान-पान: सफर पर निकलने से ठीक पहले अत्यधिक तैलीय, भारी या खट्टा भोजन करने से बचें। पुदीने की गोली, नींबू या अदरक का टुकड़ा साथ रखें।