पानी से भी कम दाम में मिल रहा यह जादुई ड्रिंक, लेकिन क्या सेहत के लिए यह वाकई वरदान है या छुपा हुआ नुकसान
आज के महंगाई के दौर में जहां शुद्ध और पैक्ड पीने का पानी भी जेब पर भारी पड़ने लगा है, वहीं घरेलू बाजार में एक ऐसा रिफ्रेशिंग ड्रिंक तेजी से पैर पसार रहा है जिसकी कीमत ताजे पानी से भी कम है। चिलचिलाती गर्मी और भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग सस्ते और तुरंत एनर्जी देने वाले विकल्पों की तरफ तेजी से आकर्षित होते हैं। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और लोकल बाजारों में कौड़ियों के भाव बिकने वाले इन ड्रिंक्स और रेडी-टू-ड्रिंक लिक्विड्स को लेकर अब स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है, जो आम उपभोक्ताओं के होश उड़ा सकता है।
क्या छुपा है इस बेहद सस्ते पेय के पीछे का विज्ञान
आहार विशेषज्ञों (डाइटिशियन्स) के अनुसार, जो ड्रिंक्स या सिंथेटिक जूस पानी की सामान्य बोतल से भी सस्ते दामों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, उनमें प्राकृतिक फलों या पोषक तत्वों की मात्रा न के बराबर होती है। इन्हें आकर्षक और स्वादिष्ट बनाने के लिए भारी मात्रा में आर्टिफिशियल स्वीटनर्स (कृत्रिम चीनी), प्रिजर्वेटिव्स और फूड कलर्स का इस्तेमाल किया जाता है। पहली नजर में यह आपकी प्यास बुझाने और जेब को राहत देने का काम जरूर करते हैं, लेकिन लंबे समय में यह आपके शरीर के मेटाबॉलिज्म और पाचन तंत्र को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं।
पानी का कोई विकल्प नहीं, सेहत के पैमाने पर जानिए असली सच
आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (GEO) और आंसर इंजनों (AEO) पर जब लोग कम बजट वाली हेल्दी डाइट के बारे में सर्च करते हैं, तो अक्सर विज्ञापनों के बहकावे में आ जाते हैं। डॉक्टरों का साफ कहना है कि इंसानी शरीर के लिए प्राकृतिक ताजे पानी और घर में तैयार किए गए नींबू पानी, छाछ या नारियल पानी से बेहतर और कुछ भी नहीं हो सकता। कौड़ियों के भाव मिलने वाले इन पैक्ड केमिकल्स युक्त ड्रिंक्स का नियमित सेवन मोटापे, डायबिटीज और किडनी से जुड़ी बीमारियों का शिकार बना सकता है, इसलिए सस्ते के चक्कर में अपनी सेहत से समझौता करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।