आंखों की रोशनी लंबे समय तक रहेगी तेज! रोज अपनाएं ये 6 आसान और असरदार आदतें
नई दिल्ली: आज के आधुनिक और डिजिटल युग में हमारा ज्यादातर समय लैपटॉप, स्मार्टफोन, टीवी और कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बीतता है। लगातार स्क्रीन देखने, गलत खानपान, प्रदूषण और नींद की कमी के कारण कम उम्र में ही आंखों में सूखापन (Dry Eyes), धुंधलापन, थकान और रोशनी कमजोर होने जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। जिस तरह शरीर को सेहतमंद रखने के लिए कसरत और सही आहार जरूरी है, ठीक उसी तरह आंखों की रोशनी को लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए रोजमर्रा की जिंदगी में छोटी-छोटी स्वस्थ आदतों को शामिल करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं उन बेहद आसान और असरदार आदतों के बारे में जिन्हें अपनाकर आप अपनी आंखों को सालों-साल स्वस्थ रख सकते हैं।
1. 20-20-20 नियम का करें पालन: स्क्रीन की थकान से मिलेगी तुरंत राहत
यदि आपका काम ऐसा है जिसमें आपको घंटों कंप्यूटर या मोबाइल की स्क्रीन पर देखना पड़ता है, तो 20-20-20 रूल आपकी आंखों के लिए वरदान साबित हो सकता है। इस नियम के अनुसार, हर 20 मिनट के स्क्रीन टाइम के बाद कम से कम 20 फीट दूर रखी किसी वस्तु को 20 सेकंड तक लगातार देखें। यह आसान सी आदत आंखों की मांसपेशियों के खिंचाव और तनाव को तुरंत कम करती है तथा आंखों को रीफ्रेश करने में मदद करती है।
2. पलकें झपकाते रहें और पर्याप्त पानी पिएं: सूखापन रहेगा दूर
स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय लोग अक्सर पलकें झपकाना भूल जाते हैं, जिससे आंखों की प्राकृतिक नमी खत्म होने लगती है और उसमें जलन या चुभन महसूस होने लगती है। काम के दौरान सचेत रहकर बार-बार पलकें झपकाएं। इसके साथ ही दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। शरीर में पानी की सही मात्रा आंखों की नमी (Hydration) बनाए रखने और ड्राई आई सिंड्रोम से बचाव करने में बेहद मददगार होती है।
3. पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार: पोषक तत्वों की खुराक है जरूरी
आंखों की रोशनी बढ़ाने और मोतियाबिंद जैसी बीमारियों से बचने के लिए खानपान का विशेष ध्यान रखें। अपने दैनिक आहार में विटामिन A, C, E, ओमेगा-3 फैटी एसिड और जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें।
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गाजर, हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक, मेथी)
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आंवला, संतरा और खट्टे फल
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बादाम, अखरोट और अलसी के बीज
ये सभी खाद्य पदार्थ आंखों के रेटिना को स्वस्थ रखते हैं और उम्र के साथ घटने वाली आंखों की रोशनी की समस्या को रोकते हैं।
4. पर्याप्त नींद और डिजिटल डिटॉक्स: आंखों को दें आराम
दिनभर की थकावट के बाद आंखों की कोशिकाओं (Cells) की मरम्मत के लिए 7 से 8 घंटे की गहरी नींद बेहद जरूरी है। नींद पूरी न होने से आंखों के नीचे काले घेरे (Dark Circles) और सूजन की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, रात को सोने से कम से कम 1 घंटे पहले फोन और टीवी का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दें। अंधेरे कमरे में मोबाइल चलाने की आदत आंखों के रेटिना को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है।
5. सनग्लासेस का इस्तेमाल और सही लाइटिंग में पढ़ाई/काम
धूप में बाहर निकलते समय हमेशा UV प्रोटेक्टिव सनग्लासेस (धूप का चश्मा) पहनें। सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणें मोतियाबिंद और कॉर्निया को नुकसान पहुँचा सकती हैं। इसके अलावा, जब भी पढ़ाई करें या काम करें, तो कमरे में पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए। बहुत धीमी या बहुत तेज रोशनी में पढ़ने से आंखों पर अतिरिक्त जोर पड़ता है।
6. नियमित रूप से आई टेस्ट कराएं
भले ही आपको आंखों में कोई समस्या महसूस न हो रही हो, फिर भी साल में कम से कम एक बार किसी अनुभवी नेत्र विशेषज्ञ (Ophthalmologist) से अपनी आंखों की जांच जरूर कराएं। कई बार आंखों से जुड़ी बीमारियां शुरुआती दौर में कोई लक्षण नहीं दिखाती हैं, लेकिन समय पर आई चेकअप से उनका तुरंत इलाज संभव हो पाता है।