मानसून में बारिश के गीले जूते पहनने की न करें भूल! पैर हो सकते हैं फंगल इंफेक्शन और एथलीट फुट के शिकार
मानसून का मौसम जहां भीषण गर्मी से राहत दिलाता है, वहीं अपने साथ कई तरह के स्वास्थ्य जोखिम और त्वचा संबंधी समस्याएं भी लेकर आता है। बारिश के दिनों में अक्सर दफ्तर, स्कूल या बाजार जाते समय जूते-जुराबें पानी में भीग जाते हैं। कई लोग मजबूरी में या आलस के कारण घंटों तक वही गीले जूते और सीली हुई जुराबें पहने रहते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डर्मेटोलॉजिस्ट्स (त्वचा विशेषज्ञों) के अनुसार, गीले जूते लंबे समय तक पहने रखना पैरों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। यह आदत न केवल पैरों से बदबू का कारण बनती है, बल्कि गंभीर फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन को भी न्योता देती है।
1. फंगल इंफेक्शन और एथलीट फुट (Athlete's Foot) का खतरा
जब जूते और जुराबें अंदर से गीले होते हैं, तो पैर लंबे समय तक नमी और गर्मी के माहौल में बंद रहते हैं। यह नमी बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए सबसे मुफीद जगह बनाती है। इसके कारण उंगलियों के बीच की त्वचा गलने लगती है, जिसमें तेज खुजली, रेडनेस, छालों और दर्द की समस्या हो जाती है। इसे मेडिकल भाषा में 'एथलीट फुट' या टिनिया पेडिस (Tinea Pedis) कहा जाता है।
2. पैरों से भयंकर बदबू (Smelly Feet) और बैक्टीरियल ग्रोथ
गीले जूतों में हवा का आना-जाना बंद हो जाता है, जिससे पसीना और बारिश का मटमैला पानी मिलकर बैक्टीरिया का घर बन जाते हैं। ये बैक्टीरिया पैरों की त्वचा पर पनपकर बदबूदार गैसें छोड़ते हैं। इसके कारण जूते उतारते ही कमरे में तेज दुर्गंध फैल जाती है, जो व्यक्ति को दूसरों के सामने शर्मिंदा भी कर सकती है।
3. ट्रेंच फुट (Trench Foot) और नाखूनों का सड़ना (Onychomycosis)
यदि आपके पैर रोजाना कई घंटों तक पानी या गीले जूते में रहते हैं, तो नसों में रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इससे 'ट्रेंच फुट' नाम की स्थिति पैदा हो जाती है, जिसमें पैर सुन्न पड़ जाते हैं और उनमें ऐंठन होने लगती है। इसके अलावा, गीलापन पैरों के नाखूनों के अंदर तक घुस जाता है, जिससे नाखून पीले, मोटे और कमजोर होकर टूटने लगते हैं।
बरसात के मौसम में पैरों की सुरक्षा और देखभाल के 5 आसान उपाय
मानसून के दौरान पैरों को इंफेक्शन से बचाने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
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गीले जूते-जुराबें तुरंत उतारें: भीगे हुए जूते या जुराबों में ज्यादा देर न रहें। काम पर पहुंचते ही या घर आते ही इन्हें तुरंत बदल लें।
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पैरों को अच्छी तरह सुखाएं: पैर धोने के बाद उंगलियों के बीच की जगह को किसी सूखे और साफ तौलिए से पोंछना कभी न भूलें।
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एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल: जूते पहनने से पहले पैरों पर और जूतों के अंदर एंटी-फंगल या टैलकम पाउडर छिड़कें, ताकि नमी सोखी जा सके।
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सही फुटवियर का चुनाव: बारिश के दिनों में चमड़े या कैनवास के जूतों के बजाय वॉटरप्रूफ फ्लोटर्स, रबर की सैंडल या ओपन-टो फुटवियर पहनें।
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नेचुरल ड्रायर का इस्तेमाल: जूतों को सुखाने के लिए उनके अंदर पुराना अखबार ठूंसकर रख दें, अखबार सारी नमी सोख लेगा और जूते जल्दी सूख जाएंगे।