आंखों के सामने बार-बार चमकता है इंद्रधनुष जैसा नजारा? जानिए क्या है यह अजीबोगरीब 'Kaleidoscope Vision' और इसके लक्षण
आधुनिक भागदौड़ भरी जिंदगी और डिजिटल स्क्रीन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच स्वास्थ्य से जुड़ी कई ऐसी अजीबोगरीब समस्याएं सामने आने लगी हैं, जिनके बारे में आम लोग ज्यादा नहीं जानते हैं। ऐसी ही एक अनोखी और चौंकाने वाली मेडिकल स्थिति है 'कैलियोस्कोप विजन' (Kaleidoscope Vision), जिसमें व्यक्ति को अपनी आंखों के सामने अचानक से रंग-बिरंगे, चमकीले और इंद्रधनुष जैसे जिगजैग पैटर्न या आकृतियां तैरती हुई दिखाई देने लगती हैं। जब किसी स्वस्थ इंसान को बिना किसी चेतावनी के अचानक अपनी नजर के सामने कांच के टुकड़ों या बहते रंगों के खिलौने जैसी तस्वीरें घूमने का अहसास होने लगे, तो यह किसी अंदरूनी न्यूरोलॉजिकल या नेत्र संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इस स्थिति को हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि यह शरीर के किसी बड़े बदलाव या मेडिकल कंडीशन की ओर इशारा करती है।
क्या होता है कैलिडोस्कोप विजन और इसके मुख्य कारण
कैलियोस्कोप विजन मुख्य रूप से एक प्रकार का विजुअल डिस्टर्बेंस है, जो किसी व्यक्ति की देखने की क्षमता को कुछ पलों के लिए प्रभावित कर देता है। इसमें पीड़ित की आंखों के सामने अचानक से चमकदार रेखाएं, अंधेरे धब्बे या फिर खूबसूरत इंद्रधनुषी चक्र घूमने लगते हैं जो धीरे-धीरे बड़े होते हैं और कुछ मिनटों बाद अपने आप गायब हो जाते हैं। इस समस्या के पीछे सबसे बड़ा और मुख्य कारण 'ऑकुलर माइग्रेन' (Ocular Migraine) या विजुअल माइग्रेन माना जाता है, जिसमें सिरदर्द शुरू होने से पहले या बिना सिरदर्द के भी आंखों की नसें और मस्तिष्क का विजुअल कॉर्टेक्स प्रभावित हो जाता है। इसके अलावा, अत्यधिक मानसिक तनाव, लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर लगातार काम करना, नींद पूरी न होना, शरीर में डिहाइड्रेशन या ब्लड प्रेशर में अचानक उतार-चढ़ाव आना भी इस तरह के विजुअल पैटर्न को ट्रिगर कर सकता है।
रेटिना से जुड़ी समस्याएं और अन्य मेडिकल खतरे
कई मामलों में कैलिडोस्कोप विजन केवल माइग्रेन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह आंखों के पर्दे यानी रेटिना से जुड़ी गंभीर समस्याओं का शुरुआती लक्षण भी हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति को यह नजारा अक्सर दिखाई देने लगे, तो यह पोस्टीरियर विट्रेयस डिटैचमेंट (PVD) या आंख की नसों में ब्लड सर्कुलेशन की गड़बड़ी का परिणाम भी हो सकता है। उम्र बढ़ने के साथ आंखों के भीतर मौजूद जैलनुमा पदार्थ में बदलाव आने के कारण भी इस तरह के चमकते पैटर्न्स नजर आ सकते हैं। हालांकि अधिकांश स्थितियों में यह कुछ ही मिनटों में सामान्य हो जाता है और स्थायी अंधापन नहीं लाता, फिर भी इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है, क्योंकि यह भविष्य में किसी बड़े स्ट्रोक या गंभीर नेत्र रोग का संकेत भी हो सकता है।
कब जाना चाहिए डॉक्टर के पास और क्या है बचाव के उपाय
यदि आपको या आपके किसी परिचित को महीने में कई बार इस प्रकार का इंद्रधनुषी या जिगजैग विजन महसूस होता है, तो तुरंत किसी योग्य नेत्र विशेषज्ञ (Ophthalmologist) या न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर इस दौरान आपकी आंखों की व्यापक जांच (Comprehensive Eye Exam) और एमआरआई स्कैन के जरिए यह सुनिश्चित करते हैं कि समस्या का मूल कारण क्या है। इस तरह की समस्या से बचने के लिए अपनी जीवनशैली में बदलाव करना बेहद जरूरी है, जैसे कि स्क्रीन टाइम को सीमित करना, भरपूर नींद लेना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और तनावमुक्त रहना। योग, प्राणायाम और आंखों को समय-समय पर आराम देकर इस प्रकार के विजुअल एपिसोड्स की आवृत्ति को काफी हद तक कम किया जा सकता है।