Haryana Weather Update: हिसार सहित हरियाणा के कई जिलों में धूल भरी आंधी, भीषण गर्मी से मिली राहत; आज बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट'
हिसार/रोहतक: पिछले कई दिनों से भीषण लू और तपती धूप की मार झेल रहे हरियाणा के लोगों के लिए सोमवार की शाम राहत भरी खबर लेकर आई। हिसार, जींद, रोहतक और सिरसा समेत प्रदेश के कई हिस्सों में चली तेज धूल भरी आंधी ने पारा गिरा दिया और उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत दिलाई। हालांकि, आंधी के कारण सड़कों पर वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने अब प्रदेश के लिए बारिश का ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले दो दिनों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।
तापमान का तांडव: फरीदाबाद में पारा 44 डिग्री के पार
सोमवार का दिन प्रदेश के लिए बेहद गर्म रहा। दिन और रात दोनों के तापमान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई:
सबसे गर्म दिन: फरीदाबाद में अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जबकि रोहतक भी 44.2 डिग्री के साथ भीषण लू की चपेट में रहा।
सबसे गर्म रात: भिवानी में रात का न्यूनतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने लोगों को रात में भी चैन की सांस नहीं लेने दी।
आज के लिए चेतावनी: 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार (28 अप्रैल) और बुधवार (29 अप्रैल) के लिए प्रदेश में मौसम को लेकर कड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से तेज रफ्तार हवाओं के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है।
ऑरेंज अलर्ट (50-60 किमी/घंटा हवाएं): सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और मेवात।
यलो अलर्ट (हल्की बारिश की संभावना): गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, रोहतक, करनाल, पानीपत, अंबाला और पंचकूला।
प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में):
| शहर | न्यूनतम तापमान (रात) | अधिकतम तापमान (दिन) |
|---|---|---|
| फरीदाबाद | 28.9 | 44.4 |
| रोहतक | 25.0 | 44.2 |
| नारनौल | 29.0 | 43.5 |
| हिसार | 22.2 | 43.4 |
| गुरुग्राम | 27.0 | 42.8 |
| अंबाला | 26.5 | 41.0 |
| करनाल | 22.0 | 40.8 |
कब तक बनी रहेगी राहत?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 29 अप्रैल तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और धूल भरी आंधी के साथ गरज-चमक हो सकती है। इस बदलाव से दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लू का प्रभाव कम होगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसल और मंडियों में रखे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें।