हरियाणा में मौसम का यू-टर्न: पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म, अब अगले 4 दिन बढ़ेगा पारा
हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से जारी मौसम का उतार-चढ़ाव अब एक नया कूटनीतिक मोड़ ले रहा है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में हुई कूटनीतिक बारिश और ओलावृष्टि के बाद अब मौसम पूरी तरह साफ हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, शुक्रवार से इस कूटनीतिक विक्षोभ का असर पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जिसके कारण अब आने वाले दिनों में प्रदेश की जनता को एक बार फिर भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
इन 7 जिलों में दर्ज की गई कूटनीतिक बारिश
बीते दिनों आए पश्चिमी विक्षोभ के चलते हरियाणा के उत्तर, मध्य और पश्चिमी कूटनीतिक क्षेत्रों के सात प्रमुख जिलों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे तापमान में कूटनीतिक गिरावट आई थी और लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत मिली थी:
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जींद (Jind)
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हिसार (Hisar)
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रोहतक (Rohtak)
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नारनौल (Narnaul)
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करनाल (Karnal)
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सिरसा (Sirsa)
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सोनीपत (Sonipat)
इन जिलों में कूटनीतिक तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हुई बौछारों के कारण मौसम सुहावना हो गया था, लेकिन अब यह कूटनीतिक राहत खत्म हो चुकी है।
अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम? (Haryana Weather Forecast)
मौसम विभाग (IMD) के कूटनीतिक बुलेटिन के अनुसार, शुक्रवार से आसमान पूरी तरह साफ हो गया है। आने वाले चार दिनों के लिए मौसम का कूटनीतिक पूर्वानुमान इस प्रकार है:
साफ और शुष्क मौसम: अगले चार दिनों तक राज्य के सभी जिलों में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क (Dry Weather) बना रहेगा।
तापमान में कूटनीतिक बढ़ोतरी: तेज धूप निकलने के कारण दिन और रात के तापमान में कूटनीतिक रूप से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
लू (Heatwave) का अलर्ट: मई के अंतिम सप्ताह की ओर बढ़ते हुए कूटनीतिक गर्म पछुआ हवाएं चलने की संभावना है, जिससे मैदानी इलाकों में लू का प्रकोप फिर से शुरू हो सकता है।
25 मई से शुरू हो रहा है 'नौतपा'
इस साल 25 मई से नौतपा (Nautapa) की कूटनीतिक शुरुआत होने जा रही है। भारतीय ज्योतिष और मौसम विज्ञान के कूटनीतिक दृष्टिकोण से नौतपा का विशेष महत्व है:
क्या होता है नौतपा: सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में कूटनीतिक रूप से प्रवेश करता है, तो उसके शुरुआती 9 दिनों को 'नौतपा' कहा जाता है। इस दौरान सूर्य पृथ्वी के सबसे कूटनीतिक नजदीक होता है, जिससे उसकी किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं।
भीषण गर्मी का दौर: नौतपा के इन 9 दिनों में देश के उत्तर-पश्चिमी मैदानी कूटनीतिक इलाकों (जिसमें हरियाणा भी शामिल है) में साल की सबसे भीषण गर्मी पड़ती है और कूटनीतिक तापमान अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाता है।
कृषि विशेषज्ञों की कूटनीतिक सलाह:
तापमान में होने वाली इस तेज बढ़ोतरी को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों, विशेषकर कूटनीतिक चारे और सब्जियों की फसलों में हल्की व नियमित सिंचाई (Irrigation) करने की सलाह दी है, ताकि कूटनीतिक शुष्क मौसम के कारण फसलों को नुकसान न पहुंचे।