अमृतसर एयरपोर्ट के पास मंडराए तीन संदिग्ध ड्रोन, दिल्ली, मुंबई और कुआलालंपुर की फ्लाइट्स डायवर्ट
अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील पंजाब के अमृतसर स्थित श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास आसमान में अचानक तीन संदिग्ध ड्रोन देखे जाने के बाद पूरे इलाके में भारी सुरक्षा हड़कंप मच गया है। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और सुरक्षा रडार पर इन अज्ञात उड़ने वाली वस्तुओं के नजर आते ही सीमावर्ती क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत आपातकालीन कदम उठाते हुए दिल्ली, मुंबई और कुआलालंपुर जैसे प्रमुख गंतव्यों से अमृतसर आ रही अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को बीच रास्ते से ही अन्य सुरक्षित हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट कर दिया। इस अचानक हुई सुरक्षा चूक और ड्रोन गतिविधि के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां, बीएसएफ (BSF) और पंजाब पुलिस संयुक्त रूप से गहन तलाशी अभियान में जुट गई हैं, जिससे पाकिस्तान की सीमा से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
अमृतसर एयरपोर्ट के पास संदिग्ध ड्रोन गतिविधि और सुरक्षा एजेंसियों का हाई अलर्ट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम को अमृतसर एयरपोर्ट के रडार सिस्टम पर हवाई पट्टी के नजदीक कुछ संदिग्ध हलचल दर्ज की गई। शुरुआती जांच में पता चला कि ये तीन अज्ञात ड्रोन अत्यधिक ऊंचाई और गुप्त तरीके से उड़ान भर रहे थे, जो कि प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र (No-Fly Zone) के बेहद करीब पहुंच चुके थे। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बिना किसी देरी के इसकी सूचना केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और वायुसेना को दी। सीमावर्ती जिला होने के कारण अमृतसर में किसी भी प्रकार की ड्रोन गतिविधि को सीधे तौर पर सीमा पार से होने वाली घुसपैठ, हथियारों या नशीले पदार्थों की तस्करी के संभावित प्रयासों से जोड़कर देखा जाता है। सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए आसपास के ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन ड्रोनों को ऑपरेट कौन कर रहा था और इनका असली मकसद क्या था।
उड़ानों का डायवर्जन और यात्रियों को हुई भारी असुविधा
इस सुरक्षा आपातकाल का सीधा असर विमान परिचालन पर पड़ा। कुआलालंपुर से अमृतसर आने वाली मलेशियन फ्लाइट के अलावा दिल्ली और मुंबई से अपनी तय उड़ानों पर आ रहे विमानों को हवा में ही होल्ड कर दिया गया और बाद में उन्हें चंडीगढ़ या अन्य नजदीकी एयरपोर्ट्स पर उतरने के निर्देश दिए गए। अचानक फ्लाइट्स डायवर्ट होने के कारण अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरने वाले यात्रियों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एयरलाइंस कंपनियों द्वारा यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था और स्थिति की जानकारी दी जा रही है। एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा सकती, यही वजह है कि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने तक उड़ानों के मार्ग में बदलाव का यह कड़ा फैसला लेना पड़ा।
सीमावर्ती सुरक्षा चुनौतियां और भविष्य की एहतियाती रणनीतियां
पंजाब का यह क्षेत्र अपनी सामरिक संवेदनशीलता के कारण हमेशा से पाकिस्तान समर्थित राष्ट्रविरोधी तत्वों के निशाने पर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स भेजने की घटनाओं में तेजी आई है, जिससे निपटने के लिए बीएसएफ और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी (Anti-Drone Technology) का दायरा बढ़ाना शुरू कर दिया है। अमृतसर एयरपोर्ट के पास इस प्रकार संदिग्ध ड्रोन का दिखना इस बात की तस्दीक करता है कि तस्करों या असामाजिक तत्वों के हौसले अभी भी बुलंद हैं। हालांकि, भारतीय सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया ने किसी भी संभावित बड़े खतरे को टाल दिया है। अब जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि क्या ये ड्रोन स्थानीय स्तर पर उड़ाए गए थे या सीमा पार से किसी नापाक साजिश के तहत इन्हें भारतीय हवाई सीमा में भेजा गया था।