हरियाणा की 11 साल पुरानी खेल नीति में होंगे बड़े और ऐतिहासिक बदलाव! अब मुख्य विधा के तौर पर शामिल होगा योगासन

हरियाणा की 11 साल पुरानी खेल नीति में होंगे बड़े और ऐतिहासिक बदलाव! अब मुख्य विधा के तौर पर शामिल होगा योगासन

देशभर में खेल और खिलाड़ियों की नर्सरी के रूप में अपनी खास पहचान रखने वाले राज्य हरियाणा से खेल जगत से जुड़ी एक बहुत ही बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। हरियाणा सरकार अपनी 11 साल पुरानी खेल नीति (Haryana Sports Policy) में अब कई बड़े और दूरगामी बदलाव करने जा रही है। बदलते समय, आधुनिक फिटनेस ट्रेंड्स और पारंपरिक खेलों के बढ़ते क्रेज को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। इस नई व्यवस्था के तहत सबसे बड़ा और अहम बदलाव यह किया जा रहा है कि प्राचीन भारतीय कला और फिटनेस के प्रतीक 'योगासन' (Yogasana) को भी खेल नीति में एक आधिकारिक विधा के रूप में शामिल किया जाएगा। इस ऐतिहासिक फैसले से न केवल योग से जुड़े खिलाड़ियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उन्हें भी सरकारी नौकरियों और अन्य खेल कोटे का सीधा लाभ मिल सकेगा।

11 साल पुरानी खेल नीति में संशोधन की जरूरत क्यों पड़ी?

राज्य में लागू पुरानी खेल नीति को बने हुए एक लंबा अरसा बीत चुका है, जिसके बाद खेल संघों, कोचों और खिलाड़ियों की ओर से लगातार इसमें आधुनिक समय के हिसाब से संशोधन करने की मांग की जा रही थी। खेल जगत में नए खेलों का उभार और ग्लोबल लेवल पर बदलते नियमों को देखते हुए सरकार ने इस दिशा में गंभीर मंथन किया है। नई खेल नीति के ड्राफ्ट में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन राशि, आउट-ऑफ-टर्न जॉब्स और खेल सुविधाओं के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि हरियाणा के युवा खेल के हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर सकें।

खेल विधा के रूप में 'योगासन' को शामिल करने के क्या होंगे फायदे?

हरियाणा सरकार के इस नए फैसले के तहत अब 'योगासन' को भी प्रतिस्पर्धी खेल का दर्जा मिलने जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले समय में योग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले और मेडल जीतने वाले युवा भी अन्य खेलों के खिलाड़ियों की तरह ही सरकारी खेल कोटे और आकर्षक पुरस्कारों के हकदार होंगे। देश और दुनिया में योग के बढ़ते प्रसार को देखते हुए सरकार का यह कदम युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाने के साथ-साथ उन्हें करियर के नए अवसर उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से योग को एक खेल के रूप में एक नई पहचान और पेशेवर मंच मिलेगा।

खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए क्या है नया रोडमैप?

स्थानीय भौगोलिक और प्रशासनिक स्तर पर खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए इस नई नीति में ब्लॉक और जिला स्तर पर आधुनिक खेल अकादमियों के गठन का प्रावधान भी शामिल किया जा सकता है। सरकार का यह प्रयास है कि ग्रामीण आंचल से लेकर शहरी क्षेत्रों तक की प्रतिभाओं को उनकी पसंद के खेल में आगे बढ़ने के लिए बेहतरीन संसाधन मिल सकें। जल्द ही इस संशोधित खेल नीति को आधिकारिक रूप से लागू किए जाने की संभावना है, जिसके बाद हरियाणा देश का ऐसा अग्रणी राज्य बन जाएगा जो योग को भी अपनी मुख्य खेल नीति का हिस्सा बनाकर खिलाड़ियों को विशेष मान-सम्मान देगा।

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