पीएम और मुकेश अंबानी का वीडियो दिखाकर शेयर बाजार में निवेश का झांसा
हरियाणा के औद्योगिक शहर बल्लभगढ़ में साइबर ठगों ने ठगी का एक बेहद शातिर और नया तरीका अपनाते हुए आम नागरिक को अपनी जालसाजी का शिकार बनाया है। बल्लभगढ़ के रहने वाले एक सीधे-साधे व्यक्ति को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, वित्त मंत्री और देश के दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी के नाम से जुड़े डीपफेक या मॉर्फ्ड वीडियो दिखाकर शेयर बाजार (स्टॉक मार्केट) में भारी मुनाफे का झांसा दिया गया। ठगों ने इन दिग्गज हस्तियों की लोकप्रियता और विश्वसनीयता का गलत फायदा उठाते हुए पीड़ित को निवेश के नाम पर कुल 12.16 लाख रुपये की भारी-भरकम चपत लगा दी। जब पीड़ित को ठगी का पूरा अहसास हुआ, तब तक उसके खाते से लाखों रुपये साफ हो चुके थे और आरोपी फर्जी मुनाफे का लालच देकर लगातार 26 लाख रुपये की और मांग कर रहे थे।
#1. फेसबुक रील और फर्जी विज्ञापनों का जाल: दिग्गजों के नाम पर ऐसे दिया गया ठगी को अंजाम
साइबर ठगों ने अपने इस सुनियोजित षड्यंत्र के तहत फेसबुक पर विभिन्न आकर्षक रील्स और स्पॉन्सर्ड विज्ञापन चलाए थे। इन वीडियो क्लिप्स में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और उद्योगपति मुकेश अंबानी जैसे प्रभावशाली चेहरों को ऐसा दिखाते हुए पेश किया गया मानो वे किसी विशेष और सुरक्षित शेयर मार्केट इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म का प्रचार कर रहे हों और लोगों को रातोंरात अमीर बनने का तरीका बता रहे हों। बल्लभगढ़ निवासी पीड़ित जब इन विज्ञापनों के झांसे में आ गया, तो उसने वीडियो में दिए गए लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके बाद शातिर ठगों ने व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए उससे संपर्क साधा और उसे शेयर बाजार में पैसे लगाने पर कई गुना रिटर्न पाने का लालच देकर अपने विश्वास में ले लिया।
#1. अलग-अलग लिंक्स और बैंक खातों का खेल: क्रेडिट कार्ड और सेविंग से ट्रांसफर कराए 12.16 लाख रुपये
ठगों का गिरोह यहीं नहीं रुका, बल्कि उसने पीड़ित को निवेश की प्रक्रिया समझाने के नाम पर एक फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन और एक संदिग्ध ट्रेडिंग वेबसाइट डाउनलोड करवा दी। शुरुआत में पीड़ित को थोड़ा बहुत मुनाफा इस वेबसाइट पर ऑनलाइन दिखाया गया, जिससे उसका भरोसा पूरी तरह उन पर जम गया। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने अलग-अलग बैंकिंग ट्रांजैक्शन, यूपीआई और फर्जी लिंक्स के माध्यम से उसके क्रेडिट कार्ड तथा बैंक खातों से कुल 12 लाख 16 हजार रुपये एक-एक करके ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित ने अपनी गाढ़ी कमाई और जरूरत के पैसे इन ठगों के खातों में जमा कर दिए, यह सोचकर कि उसे भविष्य में अच्छा रिटर्न मिलेगा।
#1. फर्जी मुनाफे का लालच और 26 लाख रुपये की अतिरिक्त डिमांड से हुआ शक
जब पीड़ित ने अपने द्वारा निवेश किए गए पैसों और उस पर दिख रहे कथित मुनाफे को अपने बैंक खाते में वापस ट्रांसफर (विथड्रॉ) करने की कोशिश की, तो खेल का पर्दाफाश हो गया। आरोपियों ने पैसे निकालने के एवज में टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और पेनल्टी के नाम पर 26 लाख रुपये की और मांग करनी शुरू कर दी। आरोपियों ने धमकी दी कि यदि उसने और पैसे नहीं भेजे, तो उसका पहले का लगाया हुआ सारा पैसा डूब जाएगा। इस अजीब शर्त और लगातार बढ़ रही पैसों की मांग को देखकर पीड़ित को अहसास हुआ कि उसके साथ एक बहुत बड़ा साइबर फ्रॉड हो चुका है, जिसके बाद उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
#1. साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत के बाद बल्लभगढ़ थाना पुलिस ने शुरू की गहन जांच
ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने बिना किसी देरी के केंद्र सरकार की आधिकारिक साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही उसने बल्लभगढ़ साइबर थाने में पहुंचकर पूरी घटना की लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर स्थानीय पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के ट्रांजैक्शन और फर्जी वेबसाइट के आईपी एड्रेस की मदद से आरोपियों की सुरागकशी की जा रही है। पुलिस ने आम जनता से भी यह अपील की है कि सोशल मीडिया पर शेयर बाजार में रातोंरात मुनाफा कमाने वाले ऐसे लुभावने विज्ञापनों और फर्जी वीडियो के झांसे में बिल्कुल न आएं, क्योंकि आजकल साइबर अपराधी एआई और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को आसानी से ठग रहे हैं।