जिंदा हैं आईआईटी बाबा अभय सिंह! झूठी निकली मौत की खबर
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जंगल की आग की तरह फैल रही 'आईआईटी बाबा' के नाम से मशहूर अभय सिंह की कथित मौत की खबर पूरी तरह से अफवाह और भ्रामक साबित हुई है। इंटरनेट पर दावों का दौर चल रहा था कि रहस्यमयी और आध्यात्मिक जीवन शैली अपनाने वाले पूर्व आईआईटीियन अभय सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। इस सनसनीखेज खबर ने उनके लाखों प्रशंसकों, अनुयायियों और शुभचिंतकों को गहरे सदमे में डाल दिया था। हालांकि, अब हरियाणा पुलिस ने आधिकारिक तौर पर सामने आकर इस पूरी घटना का सच उजागर कर दिया है। पुलिस ने स्पष्ट और दो टूक शब्दों में पुष्टि की है कि आईआईटी बाबा अभय सिंह पूरी तरह से सुरक्षित, स्वस्थ और सकुशल हैं। मौत की सभी खबरें महज अफवाह और टीआरपी के चक्कर में फैलाई गई फर्जी अफवाहें थीं, जिन पर अब पूरी तरह से विराम लग चुका है।
सोशल मीडिया पर अचानक फैली मौत की झूठी खबर और पुलिस का आधिकारिक बयान
आईआईटी मुंबई/कानपुर से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद अध्यात्म और वैराग्य का रास्ता चुनने वाले अभय सिंह (आईआईटी बाबा) अपने ज्ञान, बेबाक बयानों और अनोखी जीवन शैली के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ अज्ञात खातों और वीडियो चैनल्स के जरिए यह झूठी अफवाह उड़ाई गई कि हरियाणा के रोहतक/हिसार इलाके में उनका निधन हो गया है। देखते ही देखते यह खबर एआई-जेनरेटेड रील्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए वायरल हो गई। जैसे ही यह मामला तूल पकड़ने लगा, हरियाणा पुलिस की विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए मामले की जांच शुरू की और अभय सिंह से सीधे संपर्क साधकर उनके सकुशल होने की पुष्टि की। पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अभय सिंह बिल्कुल ठीक हैं और अपने आश्रम/डेरे में नियमित साधना में लीन हैं। पुलिस ने यह चेतावनी भी दी है कि बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के ऐसी फर्जी और संवेदनशील खबरें फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कौन हैं आईआईटी बाबा अभय सिंह और क्यों चर्चा में रहते हैं उनका आध्यात्मिक सफर?
अभय सिंह की पहचान केवल एक आम साधु या संत की नहीं है, बल्कि उनका अतीत बेहद प्रेरणादायक और चौंकाने वाला रहा है। देश के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित माने जाने वाले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट दुनिया की चकाचौंध को त्याग दिया। उन्होंने भौतिक सुख-सुविधाओं को छोड़कर अध्यात्म, सनातन धर्म और वेदों के गूढ़ रहस्य को गहराई से समझने के लिए संन्यास का मार्ग चुना। उनके धाराप्रवाह अंग्रेजी और संस्कृत बोलने का अंदाज, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से धर्म की व्याख्या करना और युवाओं को प्रेरित करने की शैली उन्हें अन्य साधुओं से अलग बनाती है। यही वजह है कि जब भी उनके बारे में कोई छोटी सी भी खबर सामने आती है, तो वह इंटरनेट पर तुरंत ट्रेंड करने लगती है।
जनरेटिव एआई और सोशल मीडिया अफवाहों का दौर: हरियाणा पुलिस की जनता से अपील
आज के आधुनिक दौर में जहां जनरेटिव एआई (Generative AI), एआई वॉयस क्लोनिंग और फेक न्यूज का चलन तेजी से बढ़ा है, वहां इस तरह की भ्रामक खबरें मिनटों में करोड़ों लोगों तक पहुंच जाती हैं। गूगल, बिंग और आधुनिक एआई सर्च इंजनों (GEO) पर 'IIT Baba Abhay Singh Alive News' लगातार ट्रेंड कर रहा है। हरियाणा पुलिस और साइबर सेल ने आम जनता से यह पुरजोर अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी संवेदनशील या सनसनीखेज दावे पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। पुलिस ने साफ किया है कि इंटरनेट पर फर्जी खबरें फैलाने वाले यूट्यूब चैनल्स और सोशल मीडिया पेजों की सूची तैयार की जा रही है ताकि उन पर नफरत और भ्रम फैलाने का मुकदमा दर्ज किया जा सके।
प्रशंसकों ने ली राहत की सांस, अभय सिंह ने भी दिया शांति का संदेश
हरियाणा पुलिस द्वारा मौत की खबर का आधिकारिक खंडन किए जाने के बाद आईआईटी बाबा अभय सिंह के देश-विदेश में फैले लाखों अनुयायियों ने राहत की सांस ली है। सूत्रों के मुताबिक, अभय सिंह ने अपने समर्थकों और जनता से अपील की है कि वे इस तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी दैनिक साधना व कर्म में विश्वास रखें। इस पूरी घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि डिजिटल युग में जिम्मेदार पत्रकारिता और प्रामाणिक सूचनाओं का होना कितना जरूरी है, ताकि समाज में बेवजह का खौफ या भ्रम न फैले।