केएमपी एक्सप्रेसवे पर लिफ्ट लेना पड़ा भारी: गाड़ी में बैठी दो महिलाओं ने युवक के गले से उड़ाई सोने की चेन
सफर के दौरान अनजान लोगों की मदद करना या किसी को रास्ते में लिफ्ट देना कई बार कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसका एक ताजा और सनसनीखेज मामला केएमपी (KMP - कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेसवे से सामने आया है। हाइवे पर सफर कर रहे एक सीधे-साधे कार चालक के लिए सड़क किनारे खड़ी दो महिलाओं को लिफ्ट देना उस वक्त जी का जंजाल बन गया जब उन महिलाओं ने बड़ी चालाकी से उसके गले से सोने की चेन झपट ली और चलती गाड़ी से उतरकर फरार हो गईं। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से वाहन चालकों के बीच सुरक्षा को लेकर एक नया डर पैदा हो गया है और लोग यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि क्या अब हाइवे पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करना पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस थाने में तुरंत मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। आइए इस हैरान कर देने वाली घटना की पूरी पटकथा और इसके हर एक पहलू को विस्तार से समझते हैं।
केएमपी एक्सप्रेसवे पर कैसे दिया गया वारदात को अंजाम
घटना के दिन पीड़ित युवक अपनी कार से केएमपी एक्सप्रेसवे के रास्ते से गुजर रहा था। रास्ते में सुनसान जगह पर दो महिलाएं खड़ी थीं जिन्होंने हाथ देकर गाड़ी रुकवाई और खुद को किसी जरूरी संकट में बताकर लिफ्ट मांगी। मानवीय दृष्टिकोण और मदद की भावना के चलते उस युवक ने बिना किसी शक के अपनी कार रोक ली और दोनों महिलाओं को गाड़ी के अंदर बैठा लिया। महिलाओं ने बेहद शातिर तरीके से कार के अंदर ऐसी जगह बैठना चुना जिससे चालक का ध्यान आसानी से भटकाया जा सके। सफर के दौरान जब गाड़ी कुछ दूर आगे निकली, तो उन दोनों महिलाओं ने सोची-समझी साजिश के तहत आपस में बातचीत करते हुए और बेवजह का ड्रामा करते हुए चालक का ध्यान भटका दिया। इसी बीच, उनमें से एक महिला ने बेहद फुर्ती दिखाते हुए चालक के गले पर झपट्टा मारा और गले में पहनी हुई कीमती सोने की चेन को झटक लिया। जब तक चालक कुछ समझ पाता और कार को रोकता, तब तक उन शातिर महिलाओं ने चलती गाड़ी से उतरने का दबाव बनाया और मौका मिलते ही वहां से रफूचक्कर हो गईं।
ठगी और झपटमारी के नए तरीके और हाइवे सुरक्षा पर सवाल
यह अकेली ऐसी घटना नहीं है, बल्कि इस तरह के कई मामले आए दिन एक्सप्रेसवे और सुनसान हाइवे से सामने आते रहते हैं, जहां पेशेवर अपराधी और गिरोह महिलाओं या बच्चों का इस्तेमाल करके लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाते हैं। केएमपी एक्सप्रेसवे जैसे आधुनिक और व्यस्त मार्गों पर भी इस प्रकार की वारदातों का होना सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के शातिर चोर गिरोह अब नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं, जिसमें लिफ्ट मांगना, वाहन खराब होने का नाटक करना या सड़क पर मदद मांगने का ढोंग करना शामिल है। जब कोई दयालु नागरिक उनकी मदद के लिए रुकता है, तो वे पलक झपकते ही उसकी मेहनत की गाढ़ी कमाई या कीमती सामान लेकर चंपत हो जाते हैं। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों और नियमित रूप से सफर करने वाले कम्यूटर्स में इस बात को लेकर भारी रोष है कि हाइवे पर पुलिस की गश्त और निगरानी और अधिक कड़ी होनी चाहिए ताकि इस तरह के असामाजिक तत्वों के हौसले पस्त हो सकें।
पुलिस की जांच और वाहन चालकों के लिए जरूरी चेतावनी
घटना के तुरंत बाद पीड़ित युवक ने नजदीकी पुलिस स्टेशन पहुंचकर पूरी आपबीती सुनाई और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और एक्सप्रेसवे पर लगे टोल प्लाजा तथा आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि उन दोनों महिलाओं और उनके सहयोगियों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का यह अनुमान है कि इन महिलाओं के पीछे कोई संगठित गिरोह हो सकता है जो वाहन चालकों को निशाना बनाता है। इस घटना के बाद पुलिस विभाग की ओर से आम जनता और विशेषकर रात या अकेले सफर करने वाले चालकों के लिए एक कड़ी एडवाइजरी जारी की गई है। एडवाइजरी में साफ तौर पर यह सलाह दी गई है कि हाइवे या सुनसान रास्तों पर किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी गाड़ी में लिफ्ट बिल्कुल न दें, क्योंकि मानवता के नाम पर किया गया यह छोटा सा भरोसा आपके लिए बहुत बड़ा वित्तीय या शारीरिक नुकसान बन सकता है। समाज में इस तरह की बढ़ती घटनाओं से यह सबक मिलता है कि सतर्कता ही हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा है।