यमुनानगर में हाई अलर्ट: पहाड़ों में आफत की बारिश से उफान पर यमुना, हथिनीकुंड बैराज पर बढ़ा खतरा

यमुनानगर में हाई अलर्ट: पहाड़ों में आफत की बारिश से उफान पर यमुना, हथिनीकुंड बैराज पर बढ़ा खतरा

पहाड़ी इलाकों और जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा असर अब मैदानी इलाकों में दिखने लगा है। हरियाणा के यमुनानगर जिले से गुजरने वाली यमुना नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया है। पहाड़ों से आ रहे भारी पानी के कारण नदी उफान पर है, जिससे आस-पास के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है।

हथिनीकुंड बैराज पर दर्ज हुआ 50,649 क्यूसेक पानी

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक, यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज पर यमुना नदी का जलस्तर बढ़कर 50,649 क्यूसेक दर्ज किया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बरसात की वजह से बैराज पर पानी की आवक प्रति घंटा बढ़ रही है। इस बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बैराज के फ्लड गेट्स की निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

निचले और तटीय इलाकों में प्रशासन का कड़ा पहरा

यमुना नदी के उफान को देखते हुए जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग पूरी तरह सतर्क मोड में आ गए हैं। नदी के किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में मुनादी करवाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही, यमुना के किनारे जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि पहाड़ों में बारिश का सिलसिला यूं ही जारी रहा, तो दिल्ली की तरफ जाने वाले पानी की मात्रा भी बढ़ सकती है।

दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए भी बढ़ सकती है चिंता

हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा जाने वाला पानी सीधा दिल्ली और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों की तरफ बढ़ता है। बैराज पर जलस्तर 50 हजार क्यूसेक के पार पहुंचने से आने वाले 48 से 72 घंटों में दिल्ली में भी यमुना का जलस्तर बढ़ सकता है। केंद्रीय जल आयोग और स्थानीय फ्लड कंट्रोल रूम पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं ताकि बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने से पहले ही पुख्ता इंतजाम किए जा सकें।

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