हरियाणा के मुक्कों का जलवा: हर तीसरे पदक पर राज्य का कब्जा, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खोले दिल के राज
खेल की दुनिया में भारत का सिर हमेशा ऊंचा करने वाले हरियाणा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसे देश की खेल नर्सरी क्यों कहा जाता है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन करने में हरियाणा के खिलाड़ियों का योगदान हमेशा से अद्वितीय रहा है। राष्ट्रमंडल खेलों से लेकर ओलंपिक तक, जब भी भारत की झोली में पदक गिरते हैं, उनमें हर तीसरा मेडल हरियाणा के किसी न किसी सपूत के नाम होता है। इस ऐतिहासिक और गौरवशाली उपलब्धि पर राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए खिलाड़ियों की इस सफलता के पीछे की असली ताकत का खुलासा किया है।
खेल के मैदान पर हरियाणा के खिलाड़ियों का दबदबा और हर तीसरे पदक का गणित
देश के सबसे छोटे राज्यों में गिने जाने वाले हरियाणा ने खेल के क्षेत्र में जो मुकाम हासिल किया है, वह दुनिया भर के लिए एक मिसाल है। राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास पर नजर डालें तो आंकड़े खुद-ब-खुद इसकी गवाही देते हैं कि भारत द्वारा जीते जाने वाले कुल पदकों में लगभग एक तिहाई हिस्सेदारी अकेले हरियाणा के खिलाड़ियों की रही है। चाहे कुश्ती हो, बॉक्सिंग हो या फिर शूटिंग और एथलेटिक्स, राज्य के युवा हर विधा में अपना लोहा मनवा रहे हैं। कड़े अनुशासन, मिट्टी से जुड़ाव और अटूट मेहनत के दम पर यहां के खिलाड़ियों ने वैश्विक स्तर पर तिरंगे का मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की खिलाड़ियों की तारीफ और साझा की सफलता की वजह
इस शानदार उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के खिलाड़ियों की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं के खून में खेल और जीतने का जज्बा दौड़ता है। सीएम सैनी ने इस सफलता का श्रेय राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों को दी जा रही विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं, पारदर्शी खेल नीति, समय पर मिलने वाले नकद पुरस्कारों और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तराशने की योजनाओं को दिया। उन्होंने विशेष रूप से मुक्केबाजी और कुश्ती में राज्य के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार आगे भी खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए हरसंभव मदद करती रहेगी ताकि युवा देश के लिए और अधिक स्वर्ण पदक जीत कर ला सकें।
खिलाड़ियों के लिए वरदान साबित हो रही हरियाणा की आधुनिक खेल नीतियां
हरियाणा सरकार की खेल नीतियां आज देश भर के अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन चुकी हैं। खेल के मैदानों पर मिलने वाली आधुनिक सुविधाएं, कोचों की बेहतरीन ट्रेनिंग और खिलाड़ियों को मिलने वाली वित्तीय सुरक्षा ने उन्हें बिना किसी आर्थिक चिंता के केवल अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर दिया है। यही कारण है कि ग्रामीण अंचल से निकलने वाली प्रतिभाएं आज इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर देश का नाम रोशन कर रही हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार का यह प्रयास लगातार रंग ला रहा है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि आने वाले समय में भी खेल जगत में हरियाणा का यह दबदबा और अधिक मजबूती के साथ कायम रहेगा।