कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! हरियाणा सरकार का ग्रुप-D कर्मियों को लेकर बड़ा फैसला, कॉमन कैडर में मिलेगा मनपसंद विकल्प चुनने का मौका

कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! हरियाणा सरकार का ग्रुप-D कर्मियों को लेकर बड़ा फैसला, कॉमन कैडर में मिलेगा मनपसंद विकल्प चुनने का मौका

हरियाणा के सरकारी गलियारों और प्रशासनिक महकमे से इस वक्त की बेहद बड़ी और कर्मचारियों को सीधे राहत पहुंचाने वाली खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई वाली हरियाणा सरकार ने ग्रुप-D कर्मचारियों (Haryana Group-D Employees) के हित में एक बेहद ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने राज्य के हजारों ग्रुप-D कर्मचारियों के लिए लंबे समय से चली आ रही कॉमन कैडर (Common Cadre System) की विसंगतियों को दूर करने का रास्ता साफ कर दिया है। नए आदेशों के तहत अब इन कर्मचारियों को विभाग बदलने और ट्रांसफर प्रक्रिया में अपनी पसंद का विकल्प यानी ऑप्शन चुनने की आजादी दी जा रही है। इस फैसले के बाद से ही प्रदेश भर के सरकारी कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

कॉमन कैडर नीति में बड़ा बदलाव: अब कर्मचारियों की मर्जी से तय होगा उनका विभाग

इस नए प्रशासनिक फैसले के अनुसार, हरियाणा सरकार ने ग्रुप-D भर्ती के तहत नियुक्त हुए कर्मचारियों के लिए एक विशेष पोर्टल या विकल्प प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। पहले कॉमन कैडर प्रणाली के कारण कर्मचारियों को उनकी बिना इच्छा के किसी भी विभाग या सुदूर जिलों में तैनात कर दिया जाता था, जिससे उन्हें ड्यूटी करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब सरकार ने तय किया है कि इन ग्रुप-D कर्मियों को एक तय समय सीमा के भीतर अपनी पसंद के विभागों और जिलों का प्राथमिकता विकल्प (Preference Option) भरने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद मेरिट और वरिष्ठता के आधार पर उन्हें मनपसंद विभागों में ट्रांसफर या री-एलोकेशन की सुविधा दी जाएगी।

ट्रांसफर और प्रमोशन की राह होगी आसान: सरकार खत्म करेगी सालों पुराना झंझट

विभागीय सूत्रों और अधिकारियों के मुताबिक, इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाना और कर्मचारियों के मानसिक तनाव को कम करना है। जब कर्मचारियों को उनकी कार्यकुशलता और निवास स्थान के नजदीक काम करने का मौका मिलेगा, तो सरकारी दफ्तरों के कामकाज की गति भी काफी तेज होगी। इतना ही नहीं, कॉमन कैडर के तहत अब इन कर्मचारियों की सिनियोरिटी लिस्ट (वरिष्ठता सूची) को भी नए सिरे से दुरुस्त किया जाएगा, जिससे ग्रुप-D कर्मियों के समय पर प्रमोशन (पदोन्नति) का रास्ता भी पूरी तरह से साफ हो जाएगा।

चंडीगढ़ से लेकर हरियाणा के तमाम जिलों में कर्मचारियों ने मनाया जश्न

हरियाणा कैबिनेट के इस बड़े फैसले की जानकारी जैसे ही चंडीगढ़ मुख्य सचिवालय से बाहर आई, वैसे ही प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे अंबाला, हिसार, रोहतक, गुरुग्राम, पानीपत और करनाल के सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों ने मिठाई बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया। कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि वे लंबे समय से कॉमन कैडर में सुधार और विभागीय विकल्प दिए जाने की मांग कर रहे थे, जिसे सरकार ने आखिरकार चुनावी साल और प्रशासनिक सुधारों को देखते हुए मान लिया है। स्थानीय स्तर पर जिला मुख्यालयों में अब इस नीति को लागू करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर भारी ट्रेंड में है 'हरियाणा ग्रुप-D न्यूज़'

आजकल के आधुनिक और डेटा-ड्रिवन डिजिटल युग में जब भी कर्मचारियों के हक में कोई बड़ा फैसला आता है, तो लोग गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) पर उसकी बारीकियों को बेहद बारीकी से खोजते हैं। एआई-आधारित सर्च ट्रेंड्स के लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक, 'हरियाणा ग्रुप डी कॉमन कैडर ऑप्शन फॉर्म 2026' और 'एचएसएससी ग्रुप डी ट्रांसफर पॉलिसी' जैसी क्वेरीज इंटरनेट पर इस वक्त टॉप सर्च में बनी हुई हैं। जनरेटिव इंजन भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि सरकार का यह कदम कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिहाज से एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है।

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