फतेहाबाद के डीएमईओ सुल्तान सस्पेंड, जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन की शिकायत और सोनाली फोगाट का पुराना सैंडल कांड फिर चर्चा में
हरियाणा के प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। फतेहाबाद के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (DMEO) सुल्तान सिंह को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। उन पर गंभीर आरोप हैं कि उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में अपनी संलिप्तता दिखाई थी, जिसकी उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद से पूरे शिक्षा विभाग और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है, और अधिकारी के इस कदम पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीएमईओ सुल्तान सिंह पर नियमों के विरुद्ध जाकर प्रशासनिक दायित्वों से इतर गतिविधियों में शामिल होने और जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन का समर्थन करने की शिकायत मिली थी। शासन स्तर पर इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन की गाज गिराई गई है। सरकारी सेवा में रहते हुए इस तरह के राजनीतिक या संवेदनशील प्रदर्शनों से जुड़ना सर्विस कंडक्ट रूल्स का स्पष्ट उल्लंघन माना जाता है, जिसके चलते यह कड़ा अनुशासनात्मक एक्शन लिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में दिवंगत नेता सोनाली फोगाट का एक पुराना वाकया भी अचानक सुर्खियों में आ गया है। लोगों को वह दौर याद आ रहा है जब सोनाली फोगाट द्वारा एक अधिकारी की पिटाई का मामला काफी गरमाया था, और अब फतेहाबाद के इस ताजा प्रशासनिक निलंबन के बाद क्षेत्रीय राजनीति में एक बार फिर पुराने किस्से ताजा हो गए हैं। अधिकारी और जनता के बीच के टकराव या प्रशासनिक फजीहत के ऐसे मामलों ने एक बार फिर हरियाणा की ब्यूरोक्रेटिक सियासत को गर्मा दिया है।
फतेहाबाद के इस बहुचर्चित मामले में आगे की विभागीय जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रशासनिक सीमा लांघने के पीछे और कौन-कौन से पहलू शामिल थे। शिक्षा विभाग के इस बड़े अधिकारी पर हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि शासन व्यवस्था अनुशासनहीनता या नियमों की अवहेलना के मामले में बिल्कुल भी नरमी बरतने के मूड में नहीं है, जिस पर अब हर किसी की निगाहें टिकी हुई हैं।